झारखंड पब्लिक सर्विस कमिशन (JPSC) ने सहायक लोक स्वास्थ्य अधिकारी (Assistant Public Health Officers) की भर्ती प्रक्रिया को लगभग सात साल बाद रद्द कर दिया है। यह भर्ती अगस्त 2018 में राज्य सरकार के अर्बन डेवलपमेंट और हाउसिंग विभाग की सिफारिश पर आयोजित करने के लिए विज्ञापन जारी कर के आवेदन आमंत्रित किए गए थे। हालांकि, अब तक इन पदों के लिए परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी थी। आयोग ने अब संबंधित विज्ञापन को अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए रद्द कर दिया है और इस बारे में एक आधिकारिक सूचना जारी की है।
कुल 56 पदों के लिए उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इसके बाद, 27 अगस्त 2019 को आयोग ने उन उम्मीदवारों को एक और अवसर दिया था जिन्होंने ऑनलाइन आवेदन में पूरी जानकारी नहीं दी थी या जिन्होंने परीक्षा शुल्क का भुगतान नहीं किया था। इसके बावजूद, इसके बाद आयोग की ओर से उम्मीदवारों को कोई नई जानकारी नहीं दी गई। उम्मीदवार लगातार परीक्षा आयोजित होने का इंतजार करते रहे। सूत्रों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया पूरी न हो पाने का कारण भर्ती नियमों में कुछ अस्पष्टताएं रही हैं, जो नियमों की व्याख्या को लेकर विवाद का विषय बन गईं।
हाल ही में, आयोग ने राज्य के सरकारी प्लस टू हाई स्कूलों में प्रधानाध्यापक पदों की भर्ती प्रक्रिया को भी रद्द कर दिया था। यह प्रक्रिया भी लगभग दो वर्षों तक पूरी नहीं हो सकी। इस बार आयोग ने भर्ती रद्द करने का कारण बताया कि स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने नए भर्ती नियम तैयार किए हैं और प्रधान पदों के लिए भेजी गई रिक्विजिशन को वापस ले लिया गया। इससे स्पष्ट है कि आयोग की ओर से भर्ती प्रक्रिया का लंबित रह जाना और नियमों में संशोधन, दोनों ही कारण उम्मीदवारों के लिए असमंजस और निराशा का कारण बने।
अब राज्य सरकार और संबंधित विभाग इन पदों के लिए आयोग को नई रिक्विजिशन भेजने की तैयारी कर रहे हैं। यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि भर्ती प्रक्रिया नए नियमों के तहत जल्द से जल्द पूरी हो सके। उल्लेखनीय है कि इस परीक्षा के माध्यम से कुल 39 प्रधानाध्यापक पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। उम्मीद है कि नई रिक्विजिशन के साथ, भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और समय पर संपन्न होगी, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को राहत मिलेगी।

