Jharkhand News: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल संस्थान, राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) में वित्तीय प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आधिकारिक वित्तीय विवरणों के अनुसार, वित्तीय वर्षों 2024–25 और 2025–26 में वेतन, गैर-वेतन और राज्य योजना के तहत प्राप्त करोड़ों रुपये समय पर खर्च नहीं किए गए या सुपुर्द कर दिए गए। कुल मिलाकर 3.2 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अप्रयुक्त रही।
2024–25 में करोड़ों रुपये अनुपयोगी
वित्तीय वर्ष 2024–25 में वेतन खंड के तहत कुल 3.77 करोड़ रुपये उपलब्ध थे। इसमें से 3.1 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि 67.85 लाख रुपये अगले वित्तीय वर्ष में समायोजित किए गए। गैर-वेतन खंड में 3.05 करोड़ रुपये उपलब्ध थे, जिनमें से 1.25 करोड़ रुपये खर्च किए गए और 24.33 लाख रुपये सुपुर्द किए गए। राज्य योजना के तहत 60 करोड़ रुपये उपलब्ध थे। इसमें 5.75 करोड़ रुपये खर्च हुए और 24.21 लाख रुपये सुपुर्द कर दिए गए। इसका मतलब है कि कुल 48.55 लाख रुपये समय पर खर्च नहीं हो सके।
2025–26 में भी करोड़ों रुपये बचे
वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025–26 में 30 नवंबर तक वेतन खंड में 4.18 करोड़ रुपये उपलब्ध थे, जिनमें से 2.18 करोड़ रुपये खर्च किए गए और लगभग 2 करोड़ रुपये अप्रयुक्त हैं। गैर-वेतन खंड में 1.55 करोड़ रुपये उपलब्ध थे, जिनमें से 80.41 लाख रुपये खर्च किए गए और 74.58 लाख रुपये बचे हैं। राज्य योजना के तहत मशीनरी और उपकरण खरीद तथा भवन निर्माण परियोजनाओं के लिए 140 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। विशेषज्ञों का कहना है कि दवाइयों, उपकरण मरम्मत, भवन रखरखाव और मरीज सुविधाओं पर लगातार दबाव होने के बावजूद, आवंटित राशि का समय पर उपयोग न करना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
RIMS विकास परियोजनाओं में प्रगति
पिछले वर्ष RIMS परिसर के विकास के लिए 837.48 करोड़ रुपये की परियोजनाएं मंजूर की गईं। इसमें से 49.34 करोड़ रुपये के कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि बाकी कार्य प्रगति में है। कैंटीन भवन और प्रवेश द्वार 1 व 2 का निर्माण पूरा हो चुका है। परिसर को सुरक्षित बनाने के लिए सीमा कार्य शुरू हो गया है और अब इसे RIMS DIG ग्राउंड तक पूरा किया जा रहा है। प्रमुख परियोजनाओं में नया ओपीडी ब्लॉक 262.93 करोड़, पुराने ओपीडी ब्लॉक का नवीनीकरण 295.01 करोड़, अकादमिक और पुस्तकालय भवन 45.65 करोड़, सीमा दीवार निर्माण 24.59 करोड़ और पार्किंग, सड़क, ड्रेनेज व लैंडस्केपिंग 91.63 करोड़ रुपये के प्रस्तावित हैं।
