Jharkhand News: रविवार की सुबह झरिया गांव में जंगली हाथी के हमले का मामला सामने आया है। घायल युवक का नाम नरेश सिंह बताया गया है, जो करीब 50 वर्ष के हैं और वहीं के स्थानीय निवासी हैं। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 5 बजे नरेश सिंह मछली पकड़ने के लिए गांव के पास बने तालाब के समान एक गड्ढे पर गए थे। तभी अचानक पीछे से एक जंगली हाथी ने उन्हें अपने सूंड से उठा लिया और लगभग 20 से 30 फुट दूर फेंक दिया, जिससे नरेश सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के वक्त उनके साथ मौजूद एक दंपति बाल-बाल बच गया।
जंगली हाथी के हमले के बाद हाथी गांव के पंचायती सदस्या साखो देवी और उनके पति के घर के पास पहुंच गया। दोनों पति-पत्नी वन समिति से जुड़े हैं, पति वन रक्षक भी हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने एक ट्रैक्टर का साइलेंसर निकालकर तेज आवाज़ की, जिससे हाथी डरकर वहां से भाग गया। हालांकि, ग्रामीणों ने बताया कि नदी के किनारे दो अन्य हाथियों के ताजा पदचिह्न भी मिले हैं, जो इलाके में भय का माहौल पैदा कर रहे हैं। वन समिति के सदस्य अरविंद सिंह ने बताया कि इस घटना की जानकारी वन विभाग को दे दी गई है।
घायल नरेश सिंह को प्राथमिक इलाज के बाद मेडिनीनगर रेफर कर दिया गया है, जहां उनका बेहतर उपचार किया जा रहा है। वन विभाग के वन रेंजर अजय पांडे ने इलाज में पूरी मदद का आश्वासन दिया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
चतरा सांसद के सतबरवा क्षेत्र के प्रतिनिधि अनिल सिंह, धीरज कुमार और कौशल कुमार ने घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने घायल नरेश सिंह के बेहतर इलाज की मांग की और वन विभाग से हाथियों को नियंत्रित करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में वन्यजीवों और लोगों के बीच बेहतर तालमेल और सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत है ताकि भविष्य में इसी प्रकार की घटनाएं न हों।

