Jharkhand में नगर निकाय चुनाव में इस बार मतदाताओं को ईवीएम की बजाय मतपत्रों के माध्यम से वोट डालने का मौका मिलेगा। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में जहां इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का उपयोग होता है, वहीं इस नगर निकाय चुनाव में मतपत्रों से मतदान का तरीका अपनाया गया है। इस बदलाव के चलते मतदाताओं को बहुत अधिक सावधानी बरतनी होगी। मतपत्र पर वोट डालते समय अगर कोई गलती हो जाती है तो आपका वोट रद्द हो सकता है। इसलिए हर मतदाता को चुनाव के नियमों और मतपत्र के इस्तेमाल की सही जानकारी होना आवश्यक है।
किन कारणों से होंगे मतपत्र रद्द?
निर्वाचन आयोग ने मतपत्रों को रद्द करने के स्पष्ट नियम बनाए हैं। यदि मतपत्र पर कोई ऐसा चिह्न या लेख हो जो मतदाता की पहचान करता हो तो वह मतपत्र रद्द हो जाएगा। इसके अलावा बनावटी मतपत्र, क्षतिग्रस्त या विकृत मतपत्र भी मान्य नहीं होंगे। खास बात यह है कि यदि मतपत्र पर अनुचित क्रमांक लिखा हो या डिजाइन अलग हो, तो वह मतपत्र रद्द किया जा सकता है। मतपत्र पर यदि क्रॉस चिह्न के अलावा एक से अधिक उम्मीदवारों के खाने में चिह्न लगा हो, या वोट पृष्ठ के गलत भाग पर लगाया गया हो, तो भी मतपत्र अमान्य घोषित किया जाएगा।
किन हालात में मतपत्र मान्य होंगे?
हालांकि मतपत्रों को लेकर कई सख्त नियम हैं, लेकिन कुछ त्रुटियों को लेकर सहनशीलता भी बरती जाती है। यदि मतपत्र पर किसी एक उम्मीदवार के खाने में एक से अधिक चिह्न लगे हों, या चिह्न के अलावा पृष्ठ के छायांकित हिस्से में चिह्न लग जाए तो मतपत्र को रद्द नहीं किया जाएगा। अगर चिह्न आंशिक रूप से किसी उम्मीदवार के खाने में लगा हो या मतपत्र गलती से मोड़ जाने से छाप दूसरे उम्मीदवार के खाने में आ गई हो, तो भी मतपत्र मान्य होगा। मतपत्र पर धब्बा बनने से भी वोट रद्द नहीं होगा। इन नियमों से मतदाता को वोट डालते समय आत्मविश्वास और समझदारी बरतनी चाहिए।
मतपत्र रद्द होने पर मतदाता को क्या मिलेगा?
मतगणना के दौरान यदि कोई मतपत्र रद्द होता है, तो उस मतपत्र को अभ्यर्थी या उनके अभिकर्ता के हाथ में नहीं दिया जाएगा। हालांकि मतगणना कर्मी उस मतपत्र को दिखाकर जानकारी जरूर देंगे। यह नियम पारदर्शिता बनाए रखने के लिए है और मतदाताओं को यह समझना जरूरी है कि उनके वोट की गिनती कैसे होती है। चुनाव आयोग ने सभी मतदाताओं से आग्रह किया है कि वे मतदान से पहले मतपत्र की सही जानकारी लें और बिना गलती के ही वोट डालें ताकि उनका मत सुरक्षित और प्रभावी रहे।

