Jharkhand News: नगर चुनावों के गिनती केंद्र को लेकर स्थिति साफ करने के प्रयास तेज हो गए हैं। हाई कोर्ट के आदेश के बाद रांची के पंडारा बाजार में गिनती केंद्र फिलहाल रोक दिया गया है। इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने शहर में पांच प्रमुख भवनों को विकल्प के तौर पर चिन्हित किया है। अब इन स्थानों का निरीक्षण कर प्रस्ताव तैयार करने का काम शुरू हो गया है। इस दिशा में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त रांची ने संबंधित विभागों को पत्र जारी कर संभावित स्थलों का भौतिक निरीक्षण करने का निर्देश दिया है।
जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए वोट गिनती और स्ट्रांगरूम के लिए उपयुक्त स्थान का चयन आवश्यक है। इसी क्रम में निजी और सरकारी दोनों तरह के भवनों को विकल्प के रूप में चुना गया है। शहर में चिन्हित पांच स्थानों में खेलेगांव स्थित शेख भिखारी प्रशासनिक भवन परिसर, मोराबादी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज, नामकुम के सिरका टोली में झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, नामकुम के रिंग रोड पर सरला बिड़ला यूनिवर्सिटी और कांके के रिंग रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर शामिल हैं। इन सभी स्थलों का निरीक्षण कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित कार्यालय को भेजा जाएगा।
इस बीच राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने स्पष्ट किया है कि वोट गिनती की तैयारियां फिलहाल पंडारा बाजार में ही चल रही हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक जिला निर्वाचन कार्यालय से किसी वैकल्पिक स्थान के प्रस्ताव राज्य निर्वाचन आयोग को प्राप्त नहीं हुए हैं। जैसे ही ऐसा कोई प्रस्ताव मिलेगा, आयोग नियमों के अनुसार उसका विचार करेगा। इससे साफ है कि हाई कोर्ट के आदेश को देखते हुए जिला प्रशासन एक सतर्कता के तौर पर विकल्प तैयार कर रहा है, जबकि राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारी अभी भी पंडारा बाजार केंद्र के इर्द-गिर्द केंद्रित है।
जिला प्रशासन के प्रस्ताव भेजने के बाद आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। इस बीच चुनावी प्रक्रिया सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासन और निर्वाचन आयोग के बीच समन्वय बढ़ाने की भी आवश्यकता है। पंडारा बाजार में गिनती केंद्र की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसके कारण चुने गए विकल्पों का निरीक्षण और प्रस्ताव बनाना जरूरी हो गया है। इस मामले में आने वाले निर्णय चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निर्बाध संचालन के लिए महत्वपूर्ण होंगे। आम जनता और उम्मीदवारों की भावनाओं का सम्मान करते हुए समय रहते उपयुक्त निर्णय लेना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।
