uangtogel

23 C
Delhi
Wednesday, February 25, 2026
HomejharkhandJharkhand News: सिकिदिरी हाइडल पावर प्लांट घोटाले में 134 करोड़ का फर्जी...

Jharkhand News: सिकिदिरी हाइडल पावर प्लांट घोटाले में 134 करोड़ का फर्जी बिल, सवाल तेज़

Jharkhand News: सिकिदिरी हाइडल पावर प्लांट की मरम्मत से जुड़ा 12 साल पुराना घोटाला एक बार फिर सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर गया है। अधिकारियों की लापरवाही, समय पर कानूनी अपील न करना और विभागीय स्तर पर फाइलों का गुम होना अब पूरे ऊर्जा विभाग को 134 करोड़ रुपये के भुगतान का भारी बोझ दे सकता है। बिजली उत्पादन निगम ने इस रकम की मांग ऊर्जा विभाग से की है, जबकि पहले कई मामलों में विभाग ने वित्तीय मुआवजे से इनकार कर दिया था। ग्रामीण विद्युतीकरण के एक मामले में, कोर्ट के आदेश के बाद रामजी पावर को भुगतान के लिए पैसे मांगे जाने पर भी विभाग ने साफ इंकार किया था। सिकिदिरी हाइडल मामले में विभागीय स्तर पर अब तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है, जो स्थिति को और जटिल बना रहा है।

सिकिदिरी हाइडल पावर प्लांट की मरम्मत का काम 2012-13 में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) को दिया गया था, जिसने इसे एक प्राइवेट कंपनी नॉर्दर्न पावर को सबकॉन्ट्रैक्ट किया। कुल मरम्मत लागत करीब 20.87 करोड़ रुपये आंकी गई थी। भुगतान विवाद के चलते नॉर्दर्न पावर ने मेरठ की MSME कोर्ट में केस दायर किया। कोर्ट के आदेश के बाद BHEL ने रांची कोर्ट में अपील की, लेकिन बिजली उत्पादन निगम के अधिकारियों ने समय पर प्रभावी जवाब नहीं दिया और जरूरी तथ्य भी कोर्ट के सामने प्रस्तुत नहीं किए। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि केवल सिकिदिरी प्लांट पर छोटे कार्य हुए थे जिनकी लागत लगभग 4 करोड़ थी, जबकि लंबी अवधि के काम कभी पूरे नहीं हुए। बावजूद इसके पूरे प्रोजेक्ट के बिल सत्यापित कर लिए गए। इस चूक का फायदा प्राइवेट कंपनी ने उठाया और कोर्ट ने पक्षपाती फैसला सुनाया।

मामले की जांच में यह भी पता चला कि पूर्व में तैयार की गई अनुमानित लागत और संबंधित फाइलें गायब हैं। जांच में एक अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई जो उस समय के चेयरमैन एस.एन. वर्मा के कार्यकाल में तैनात था और अब वह निदेशक स्तर पर पदोन्नत हो चुका है। कोर्ट में समय सीमा समाप्त होने और मुआवजे की राशि तय होने के बाद निदेशक मंडल के निर्णय पर एक विभागीय समिति गठित की गई। इस समिति ने छह अधिकारियों को दोषी पाया जिनमें GM (HR-प्रोडक्शन) अमर नायक, GM (टेक्निकल) कुमुद रंजन सिन्हा, तत्कालीन परियोजना प्रबंधक प्रदीप शर्मा, कार्यकारी अभियंता संजय सिंह और दो कानूनी अधिकारी शामिल हैं। इनकी लापरवाही से विभाग को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि दोषियों की पहचान के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे पूरे मामले की जांच प्रक्रिया पर संदेह पैदा होता है।

बिजली उत्पादन निगम की 134 करोड़ रुपये की मांग के बाद ऊर्जा विभाग की भूमिका पर उठ रहे सवाल और बढ़ गए हैं। विभाग में इस भुगतान प्रस्ताव की स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है। पहले भी ऊर्जा विभाग ने इस घोटाले में वित्तीय मुआवजे के मामलों से खुद को अलग रखा था। यह मुद्दा विधानसभा में भी उठाया जा चुका है और आगामी बजट सत्र में इसे फिर से उठाए जाने की संभावना है। सिकिदिरी हाइडल घोटाला सिर्फ एक वित्तीय विवाद नहीं, बल्कि लापरवाही, जवाबदेही की कमी और नौकरशाही उदासीनता का बानगी है। सवाल यह है कि आखिर कब और किस प्रकार उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी जिन्होंने 134 करोड़ रुपये के इस भारी नुकसान का कारण बने, या फिर यह बोझ आम जनता और सरकारी खजाने पर डाल दिया जाएगा?

jnews
jnewshttp://jharkhandnews.com
नेहा यादव पिछले पाँच वर्षों से एक प्रतिभाशाली और समर्पित न्यूज़ आर्टिकल राइटर के रूप में काम कर रही हैं। उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गहराई से शोध कर, समाचारों को सटीक और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अपना अनूठा अंदाज विकसित किया है। उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और आकर्षक है जिससे पाठकों को जानकारी समझने में आसानी होती है। नेहा हर दिन नवीनतम घटनाओं और विषयों पर अपडेट रहती हैं और उन्हें व्यापक दृष्टिकोण से दर्शाने का प्रयास करती हैं। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें न्यूज़ वेबसाइट पर विश्वसनीय और सम्मानित लेखक बना दिया है। वे लगातार समाज के मुद्दों को उजागर करने और जागरूकता फैलाने में योगदान दे रही हैं।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

https://gregabandoned.com/urbex/

slot jepang

slot27

sip777

barudak88

barudak88

slot bet 100

slot gacor 777

https://www.bbadgvc.com/

togel china

https://therealicyspot.com/is-italian-ice-healthier-than-ice-cream/ https://therealicyspot.com/is-italian-ice-keto-friendly/

hongkong slot

hongkong slot

mahjong slot

slot scatter hitam