Jharkhand News: गणतंत्र दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व के मौके पर हुसैनाबाद थाना परिसर में थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सोनू चौधरी ने अपनी पत्नी के साथ वर्दी पहनकर डांस रील बनाई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। इस वायरल वीडियो ने लोगों के बीच सवाल खड़े कर दिए कि क्या पुलिसकर्मियों को अपनी वर्दी और पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। मामला तब गंभीर हो गया जब विभागीय स्तर पर इसकी जांच का आदेश दिया गया।
हुसैनाबाद के एसडीपीओ एस. मोहम्मद याकूब के नेतृत्व में इस घटना की जांच कराई गई। जांच में यह पाया गया कि इस घटना में पुलिस वर्दी की गरिमा और अनुशासन का उल्लंघन हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर सोनू चौधरी को लाइन हाजिर कर दिया। इस कदम से पुलिस विभाग ने यह साफ संदेश दिया कि वर्दी और पद की गरिमा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा और अनुशासन की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इंस्पेक्टर सोनू चौधरी की लाइन हाजिरी के साथ ही प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पाटन के अंचल निरीक्षक चंदन कुमार को हुसैनाबाद थाना का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया है। यह कदम पुलिस विभाग की अनुशासन और कार्यप्रणाली को मजबूत करने के लिए उठाया गया है ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों से बचा जा सके। प्रशासन का यह फैसला यह भी दर्शाता है कि पुलिस में अनुशासन और पेशेवर आचरण को सर्वोपरि माना जाता है।
यह मामला सोशल मीडिया से शुरू होकर एक बड़े मुद्दे में तब्दील हो गया और कानून के रखवालों के लिए एक उदाहरण बन गया। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि पुलिसकर्मियों को भी नियमों का पालन करना होगा और किसी भी गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार की कीमत उन्हें कार्रवाई के रूप में चुकानी पड़ेगी। इस घटना ने यह साबित किया कि वर्दी पहनने वाले अधिकारी भी समाज के लिए आदर्श बनें और अपनी जिम्मेदारी और सम्मान को बनाए रखें। इस प्रकार विभाग ने न केवल नियमों का उल्लंघन रोकने का संकेत दिया बल्कि सभी पुलिसकर्मियों को अनुशासन की सीख भी दी है।
