Jharkhand News: चौपारण पुलिस थाना क्षेत्र के सिलोडर, अंजन, महानटांड गांवों और आसपास के घने जंगलों में पुलिस और वन विभाग ने एक संयुक्त अभियान चलाकर अवैध अफीम की खेती पर बड़ी कार्रवाई की है। इस ऑपरेशन के दौरान लगभग 40 एकड़ जमीन पर चल रही अफीम की खेती का पता चला और उसे मौके पर ही पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान तीन डिलीवरी पाइप भी बरामद किए गए जिन्हें तुरंत नष्ट कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि अवैध खेती में शामिल लोगों के नाम और पते की जांच जारी है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का नेतृत्व एसडीपीओ बारही अजित कुमार बिमल ने किया।
यह अभियान खेती के मौसम शुरू होने से पहले चौपारण थाना क्षेत्र में व्यापक जागरूकता अभियान के तहत किया गया था ताकि अवैध अफीम खेती को रोका जा सके। थाना प्रभारी ने बताया कि इस जागरूकता अभियान का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। उदाहरण के तौर पर अहरी गांव में जहां पहले अफीम की खेती होती थी, वहां अब सरसों और मूंगफली की फसलें उगाई जा रही हैं। इससे पता चलता है कि क्षेत्र में अफीम की खेती पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में ड्रोन सर्विलांस ने अहम भूमिका निभाई। अभियान के पहले चरण में लगभग 10 एकड़ पर फैली अफीम की खेती को नष्ट किया गया। लौटते समय फिर से ड्रोन उड़ाया गया तो घने जंगलों में कई एकड़ में फैली अफीम की खेती की तस्वीरें सामने आईं। इन तस्वीरों के आधार पर पुलिस ने घने और दुर्गम जंगलों में छुपे खेतों तक पहुंचकर वहां की अफीम की फसल को भी नष्ट किया। यह कार्रवाई पहाड़ी की तलहटी में की गई, जो अपनी कठिन भौगोलिक स्थिति के कारण जांच और निगरानी के लिए चुनौतीपूर्ण स्थान माना जाता है।
चौपारण थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी ने कहा कि क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती को पूरी तरह खत्म करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए अभियान बिना किसी रुकावट के लगातार जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस और प्रशासन मिलकर अवैध खेती पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और तस्करों तथा खेती में शामिल अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस संयुक्त अभियान से स्थानीय जनता में भी सकारात्मक बदलाव आया है और क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है। इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि अवैध मादक पदार्थों की खेती और उसके कारोबार को जड़ से खत्म किया जा सकेगा।

