Jharkhand News: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि भारत की 70 प्रतिशत आबादी युवा है। यदि इस युवा शक्ति को सही दिशा और पोषण दिया जाए तो आने वाले वर्षों में भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने से कोई नहीं रोक सकता। यह बात उन्होंने सोमवार को रांची के आरोग्य भवन परिसर में विकास भारती, विषुनपुर द्वारा आयोजित युवा दिवस कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर उन्होंने 12 फुटबॉल टीमों को जर्सी और पदक वितरित किए तथा युवा कलाकारों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लकड़ा और आयकर विभाग की सहायक आयुक्त निशा ओड़ान भी मौजूद रहीं।
राज्यपाल ने कहा कि विकास भारती झारखंड के विकास में अहम भूमिका निभा रही है और जरूरतमंदों की सेवा के लिए समर्पित है। विकास भारती के सचिव अशोक भगत ने भी इस अवसर पर अपने छात्र जीवन की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि छात्र परिषद के दिनों में शिव प्रताप शुक्ला बहुत मेहनती और समर्पित कार्यकर्ता थे। अशोक भगत ने कहा कि आज भी विकास भारती अनेक चुनौतियों के बावजूद उसी उत्साह और लगन से कार्य कर रही है, जिससे युवा वर्ग प्रेरित होता है। इस संगठन की प्रतिबद्धता ने झारखंड के सामाजिक और आर्थिक विकास में गहरा प्रभाव डाला है।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने युवाओं के भारत की प्रगति में योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय सैनिकों और महिला सैन्यकर्मियों की उपलब्धियों को भी सराहा। संजय सेठ ने युवाओं को बताया कि भारतीय सरकार उन्हें सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लकड़ा ने युवाओं से अपील की कि वे विपरीत परिस्थितियों से हार न मानें बल्कि उन्हें चुनौतियों के रूप में स्वीकार करें। उनका मानना है कि सही मानसिकता से कोई भी बाधा पार की जा सकती है।
कार्यक्रम में आयकर विभाग की सहायक आयुक्त निशा ओड़ान ने युवाओं को यह संदेश दिया कि केवल तभी हम अपने और देश के लिए प्रगति हासिल कर सकते हैं जब हम अपनी परंपराओं और सिद्धांतों को आधुनिकता के साथ संतुलित करके आगे बढ़ें। इस मौके पर राज्यपाल की पत्नी, पूर्व कुलपति सत्यनारायण मुंडा, एनआईटी के राम विनय शर्मा, डॉ. रंजना चौधरी, डॉ. अजय सिंह और रांची जिले के बड़ी संख्या में युवा मौजूद थे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना और उन्हें देश की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था। इस आयोजन ने युवाओं में उत्साह और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा दिया।

