Jharkhand News: लौहनगरी जमशेदपुर के टाटानगर स्थित चाईबासा बस स्टैंड के पास आज सुबह एक कार अचानक आग के गोले में तब्दील हो गई। यह घटना सुबह करीब नौ बजे की है। हादसे में कार में सवार चार लोगों ने अपनी सूझबूझ से आग विकराल होने से पहले ही कार से कूदकर अपनी जान बचाई। यह घटना इतनी तेज़ थी कि कार चंद सेकंड में पूरी तरह जलकर राख हो गई। इस हादसे ने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
हादसे का पूरा मंजर और यात्रियों की हिम्मत
जानकारी के अनुसार, गम्हरिया के श्रीनिवास नायक अपनी पत्नी और बेटे के साथ टाटानगर स्टेशन पर अपने बेटे को दुरंतो एक्सप्रेस में बैठाने आए थे। उन्होंने अपनी कार आउट गेट के पास खड़ी की थी। इसी दौरान अचानक कार के बोनट से गहरा काला धुआं उठने लगा। चालक ने तुरन्त ब्रेक लगाया और सभी यात्रियों को बाहर निकलने को कहा। जैसे ही वे बाहर निकले, आग ने कार को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें बहुत तेज थीं। दमकल की गाड़ी के पहुंचने तक कार पूरी तरह जल चुकी थी।

शहर में बढ़ती कार आग की घटनाएं चिंता का कारण
जमशेदपुर में चलती कारों में आग लगने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में बिष्टुपुर के जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स के पास भी एक चलती कार में आग लगी थी, जिसमें सात लोग बाल-बाल बचे थे। सोनारी और गोविंदपुर में भी ऐसी कई घटनाएं हुई हैं। गर्मियों में मरीन ड्राइव पर सड़क के बीच में कार जलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इन घटनाओं ने शहरवासियों को गंभीर रूप से चिंतित कर दिया है।
चलती कारों में आग लगने के पीछे के कारण
कार में आग लगने के प्रमुख कारणों में तकनीकी खामियां और मानवीय लापरवाही शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकतर घटनाओं में शार्ट सर्किट मुख्य वजह होता है। पुराने वाहनों में नई एसेसरीज, भारी साउंड सिस्टम या फैंसी लाइट्स लगाना वायरिंग पर दबाव बढ़ा देता है। इसके अलावा रेडिएटर में पानी की कमी से इंजन ओवरहीट हो जाता है। पेट्रोल या सीएनजी पाइप में लीकेज और समय पर सर्विस न कराना भी हादसों को जन्म देता है।
सुरक्षा के उपाय और जागरूकता जरूरी
जानकारों की सलाह है कि वाहन मालिकों को नियमित रूप से कार की जांच करानी चाहिए और बिना जांच के अतिरिक्त उपकरण नहीं लगवाने चाहिए। कार में एक छोटा अग्निशमन यंत्र जरूर रखना चाहिए। जब भी कार से धुआं दिखे या असामान्य आवाज़ आए, तुरंत इंजन बंद कर सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए। जागरूकता बढ़ाकर और सावधानियां अपनाकर ऐसे खतरनाक हादसों से बचा जा सकता है।

