Jharkhand Cabinet Meeting: झारखंड मंत्रिमंडल की बैठक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को संपन्न हुई। इस बैठक में सरकार ने किसानों, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े 33 प्रस्तावों को मंजूरी दी। ये प्रस्ताव राज्य के विकास और जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। खास तौर पर किसानों को राहत देने के लिए धान अधिप्राप्ति और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से जुड़ा बड़ा फैसला लिया गया है, जो कृषि क्षेत्र के लिए एक मास्टर स्ट्रोक साबित होगा।
धान अधिप्राप्ति के लिए 48 करोड़ 60 लाख रुपये की मंजूरी
सरकार ने किसानों को धान अधिप्राप्ति में राहत देते हुए 48 करोड़ 60 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इसके तहत किसानों को प्रति क्विंटल धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2450 रुपये मिलेगा, जिसमें 100 रुपये बोनस शामिल है। राज्य सरकार ने 2025-26 से लागू होने वाली धान अधिप्राप्ति योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना के अनुसार, किसानों को 48 घंटे के अंदर एकमुश्त भुगतान किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में भुगतान एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाएगा। अधिप्राप्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए अब टू-जी मशीनों की जगह आधुनिक फोर-जी पॉश मशीनें लगाई जाएंगी, जिससे किसानों को भुगतान में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी।

लातेहार जिले में दो नए डिग्री कॉलेजों को मिली मंजूरी
कृषि क्षेत्र के साथ ही शिक्षा क्षेत्र में भी बड़े फैसले लिए गए हैं। लातेहार जिले के बालूमाथ और चतरा जिले के सिमरिया में दो नए डिग्री कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। बालूमाथ डिग्री कॉलेज के लिए 78 करोड़ 42 लाख रुपये और चतरा के कॉलेज के लिए 34 करोड़ 62 लाख 10 हजार रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले अंगीभूत कॉलेजों में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन को भी मंजूरी मिली है। कैबिनेट ने संस्कृति कॉलेजों में उप शास्त्री और शास्त्री स्तर पर पंचम, छठे और सातवें वेतनमान लागू करने का भी निर्णय लिया, जिससे शिक्षकों और कर्मचारियों को लंबे समय से लंबित वेतनमान का लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय, इंटर्न स्टाइपेंड बढ़ा
स्वास्थ्य क्षेत्र के सुधार के लिए भी कैबिनेट ने बड़े कदम उठाए हैं। गोड्डा स्थित राजकीय होम्योपैथिक विश्वविद्यालय के इंटर्न विद्यार्थियों के स्टाइपेंड में भारी बढ़ोतरी की गई है। अब इन्हें 10 हजार रुपये की जगह 17,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाएगा। इसके अलावा, रिम्स के 15 सहायक प्राध्यापकों को प्रोन्नति देकर प्राध्यापक के पद पर नियुक्त किया गया है। यह प्रोन्नति 1 जुलाई 2019 से प्रभावी मानी जाएगी, जिससे चिकित्सा क्षेत्र में गुणवत्ता और विशेषज्ञता बढ़ेगी।
सरकार की प्रतिबद्धता दिखाती है मंत्रिमंडल के निर्णय
कुल मिलाकर झारखंड मंत्रिमंडल की इस बैठक में लिए गए 33 प्रस्ताव राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में विकास और सुधार की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। किसानों को वित्तीय राहत देने से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी सुधारों तक, ये फैसले प्रदेश की समृद्धि और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी टीम के ये प्रयास झारखंड को विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ाने में मददगार साबित होंगे। जनता को बेहतर सेवाएं देने और विकास के नए आयाम स्थापित करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

