Jharkhand News: झारखंड की राजधानी रांची के तीन प्रमुख बस टर्मिनल—आईटीआई बस स्टैंड, सरकारी बस डिपो और बिरसा मुंडा बस टर्मिनल खादगढ़ा का कायाकल्प किया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहरीकरण को बढ़ावा देने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए इन तीनों टर्मिनलों के आधुनिकीकरण, नवीनीकरण और जीर्णोद्धार के निर्देश दिए हैं। इस कार्य के लिए कुल 48.72 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। नगर विकास एवं आवास मंत्री सुदिव्य कुमार ने भी इस योजना को लेकर निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि जल्द से जल्द कार्य आरंभ हो सके।
आईटीआई बस स्टैंड बनेगा अत्याधुनिक और यात्रियों के लिए सुविधाजनक
आईटीआई बस स्टैंड को आधुनिक और आकर्षक रूप दिया जाएगा। वर्तमान में जहां बस स्टैंड में न्यूनतम सुविधाएं हैं, वहां अब 3 एकड़ क्षेत्र में 2330 वर्गमीटर ग्राउंड फ्लोर और 880 वर्गमीटर प्रथम तल का टर्मिनल भवन बनाया जाएगा। यहां 13 बस वे बनाए जाएंगे और 35 बसों के लिए स्टैंड बाई पार्किंग की सुविधा होगी। यात्रियों और कर्मचारियों के लिए ड्राइवर कैंटीन, मेंटेनेंस शेड, गार्ड रूम, वातानुकूलित प्रतीक्षालय, कैफेटेरिया, महिला एवं पुरुष शौचालय, ऑटो और ई-रिक्शा पार्किंग जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। प्रथम तल पर रेस्टोरेंट, प्रशासनिक भवन, टिकट काउंटर और गेस्ट रूम भी होंगे। रोजाना यहां 416 बसों का परिचालन होगा, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवा मिलेगी।
सरकारी बस डिपो का होगा पूर्ण पुनर्निर्माण
साल 1962 से 1970 के बीच बना सरकारी बस डिपो जर्जर हो चुका है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इसे इंडियन रोड कांग्रेस के मानकों के अनुसार 20.19 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्मित किया जाएगा। पुराने भवन को तोड़कर नया भवन बनाया जाएगा, जिसमें 1771 वर्गमीटर ग्राउंड फ्लोर और 845 वर्गमीटर प्रथम तल में सुविधाएं विकसित होंगी। यहां गार्ड रूम, मेंटेनेंस क्षेत्र, कैंटीन, प्रतीक्षालय, डॉरमेट्री, गेस्ट रूम, फूड कियोस्क, कैफेटेरिया, शौचालय और स्लाइडिंग गेट की व्यवस्था होगी। आठ बस वे के जरिए रोजाना लगभग 512 बसों का परिचालन होगा, जिससे यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।
बिरसा मुंडा बस टर्मिनल खादगढ़ा का होगा जीर्णोद्धार
बिरसा मुंडा बस टर्मिनल खादगढ़ा का जीर्णोद्धार भी 3.76 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इस टर्मिनल को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए पुराने टर्मिनल भवन का नया प्लास्टर एवं पेंटिंग, क्षतिग्रस्त टाइल्स का बदलाव, वाटर टैप का परिवर्तन और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जाएगी। 11.6 एकड़ में फैले इस परिसर में 31 बस वे, 89 बसों और 70 कारों के लिए पार्किंग, स्मार्ट शेड, 50 बेड की डॉरमेट्री, रेस्ट रूम, स्नानागार, गेस्टहाउस, हाई मास्ट लाइट और महिला सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की जाएगी। टेरेस एरिया की वाटर प्रूफिंग और परिसर की लैंडस्केपिंग भी की जाएगी।
शीघ्र निविदा निष्पादन और कार्य प्रारंभ की दिशा में कदम
प्रधान सचिव सुनील कुमार ने जुडको को निर्देश दिए हैं कि तीनों बस टर्मिनलों के टेंडर शीघ्र निष्पादित किए जाएं और कार्य तुरंत शुरू किया जाए। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रांची के ये बस टर्मिनल न केवल राज्य में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी मॉडल टर्मिनल के रूप में मान्यता प्राप्त करेंगे। यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर सुरक्षा, स्वच्छता और आरामदायक वातावरण का अनुभव मिलेगा। इससे रांची की परिवहन प्रणाली को भी मजबूती मिलेगी और शहर का विकास और तेजी से होगा।
