Kundan Ravani Murder Case : रामनवमी 2025 के दौरान हुए चर्चित हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नोटिस और इश्तेहार के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुए आरोपी
Kundan Ravani Murder Case : निरसा के चर्चित कुंदन रवानी हत्याकांड में चिरकुंडा पुलिस ने फरार आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए न्यायालय के आदेश पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की। मुख्य आरोपी मुनिया देवी समेत तीन आरोपी अब भी फरार हैं, जबकि पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
Nirsa Kundan Ravani Murder Case: फरार आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा, कुर्की-जब्ती की कार्रवाई तेज
निरसा में रामनवमी 2025 के दौरान हुए चर्चित कुंदन प्रसाद रवानी हत्याकांड में पुलिस ने फरार आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। चिरकुंडा पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मुख्य आरोपी मुनिया देवी के घर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की। यह कार्रवाई कुमारधुबी स्टेशन रोड स्थित आरोपी के आवास पर मजिस्ट्रेट अंकित परासर की मौजूदगी में की गई, जहां पुलिस टीम ने चल संपत्तियों को जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस हत्याकांड में मुनिया देवी समेत उनके परिवार के कुल पांच सदस्यों को आरोपी बनाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार फरार आरोपियों की तलाश कर रही है, लेकिन अब तक मुख्य आरोपी सहित कुछ सदस्य गिरफ्त से बाहर हैं।
तीन आरोपी अब भी फरार, पुलिस की छापेमारी जारी
चिरकुंडा थाना प्रभारी आशुतोष कुमार ने बताया कि मामले में नामजद आरोपियों को न्यायालय के निर्देशानुसार तीन बार नोटिस और इश्तेहार जारी किया गया था। इसके बावजूद आरोपियों ने अदालत में आत्मसमर्पण नहीं किया और न ही जांच में सहयोग किया। इसके बाद न्यायालय ने कुर्की-जब्ती का आदेश जारी किया।
पुलिस के मुताबिक, मुनिया देवी के दोनों बेटों ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है, लेकिन मुख्य आरोपी मुनिया देवी और उनकी दोनों बेटियां अब भी फरार चल रही हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
रामनवमी 2025 के दौरान हुई थी हत्या, इलाके में फैली थी सनसनी
रामनवमी 2025 के दौरान हुए इस हत्याकांड ने पूरे निरसा और आसपास के इलाकों में सनसनी फैला दी थी। कुंदन प्रसाद रवानी की हत्या के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया था और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठी थी। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान कर मामला दर्ज किया था।
हालांकि, मुख्य आरोपियों के फरार रहने के कारण पुलिस पर लगातार कार्रवाई तेज करने का दबाव बना हुआ था। अब कुर्की-जब्ती जैसी कानूनी कार्रवाई को पुलिस की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।
कानून से बचना मुश्किल, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि कानून से बचने की कोशिश करने वाले आरोपियों के खिलाफ आगे भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई जारी रहेगी और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
कुर्की-जब्ती की कार्रवाई को पुलिस की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जिससे फरार आरोपी दबाव में आकर आत्मसमर्पण कर सकते हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि यदि आरोपियों से जुड़ी कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है और लोगों की नजरें अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
