Giridih Triple Murder Case : गिरिडीह के तुरुकडीह गांव में दिल दहला देने वाली घटना, छह साल की जुड़वा बहनों और 14 वर्षीय बेटी की हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव; आरोपी पिता पुलिस हिरासत में
Giridih Triple Murder Case : झारखंड के गिरिडीह जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने अपनी ही तीन बेटियों की धारदार हथियार से हत्या कर दी। इस दर्दनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हत्या के पीछे की वजह तलाश रही है।
गिरिडीह में रिश्तों का खून: पिता ने तीन बेटियों की ली जान
झारखंड के गिरिडीह जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे राज्य को सदमे में डाल दिया है। जिस पिता के कंधों पर बच्चों की सुरक्षा और परवरिश की जिम्मेदारी होती है, उसी पिता ने अपनी तीन मासूम बेटियों की जिंदगी छीन ली। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के तुरुकडीह गांव में हुई इस खौफनाक घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
मृत बच्चियों की पहचान छह वर्षीय जुड़वा बहनों रिद्धि और सिद्धि तथा 14 वर्षीय पल्लवी के रूप में हुई है। तीनों बच्चियां अब इस दुनिया में नहीं हैं और पीछे छोड़ गई हैं सिर्फ सवाल, दर्द और टूटे हुए सपने।
सुबह का सामान्य माहौल कुछ ही मिनटों में बदल गया खौफनाक मंजर में
जानकारी के अनुसार घटना सुबह के वक्त हुई, जब घर में सब कुछ सामान्य था। परिवार के लोग रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे। लेकिन कुछ ही देर बाद घर के अंदर से चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
आरोप है कि पिता नंदू यादव ने अचानक अपनी बेटियों पर हसुआ से हमला कर दिया। पहले उसने अपनी छह वर्षीय जुड़वा बेटियों को निशाना बनाया और फिर 14 वर्षीय बेटी पल्लवी पर हमला कर दिया। बच्चियां जान बचाने की कोशिश करती रहीं, लेकिन आरोपी की बेरहमी के आगे उनकी एक नहीं चली।
कुछ ही मिनटों में घर का आंगन खून से लाल हो गया और तीनों बच्चियां जमीन पर पड़ी थीं।
चीखों से गूंज उठा गांव, मां के सामने उजड़ गई पूरी दुनिया
घर के अंदर से आती चीखें सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तीनों बच्चियों की मौत हो चुकी थी।
जिस मां ने अपनी बेटियों को जन्म दिया, उसकी आंखों के सामने उसकी पूरी दुनिया बिखर गई। परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक मां की चीखें सुनकर पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया।
गांव के लोगों का कहना है कि कुछ घंटे पहले तक जिन बच्चियों की हंसी पूरे घर में गूंज रही थी, अब उसी घर में सिर्फ सन्नाटा और मातम है।
घटना के बाद गांव में फूटा गुस्सा, पुलिस ने संभाला मोर्चा
जैसे ही घटना की जानकारी गांव में फैली, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण आरोपी के घर के बाहर जमा हो गए। हालात तनावपूर्ण होने लगे।
सूचना मिलने के बाद मुफ्फसिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो और सदर एसडीपीओ जितवाहन पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपी को भीड़ के गुस्से से बचाते हुए हिरासत में ले लिया।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है, हालांकि पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है।
हत्या के पीछे क्या है वजह? कई एंगल से जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर आरोपी ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। शुरुआती जांच में कई संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी मानसिक तनाव से गुजर रहा था, क्या परिवार में कोई विवाद चल रहा था या फिर इसके पीछे कोई दूसरी वजह है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और परिजनों व ग्रामीणों से पूछताछ जारी है।
पूरे राज्य को झकझोर गई घटना
रिद्धि, सिद्धि और पल्लवी… ये सिर्फ तीन नाम नहीं, बल्कि तीन अधूरे सपने हैं। इस घटना ने एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर परिवार के भीतर होने वाली ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या किया जाए।
गिरिडीह का यह हत्याकांड सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और मामले की जांच जारी है। लेकिन तीन मासूम बेटियों की मौत का दर्द लंबे समय तक लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा।
