NEET Paper Leak : रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर छात्रों का फूटा गुस्सा, लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप
NEET Paper Leak : NEET पेपर लीक मामले को लेकर रांची में NSUI कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग की।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 में पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक होना देश की शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। लाखों छात्र दिन-रात मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और सपनों पर पानी फेर देती हैं। NSUI नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ परीक्षा में गड़बड़ी नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग भी उठाई। कार्यकर्ताओं का कहना था कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित नहीं बना सकती, तो शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
NSUI पदाधिकारियों ने कहा कि NEET परीक्षा में करीब 22 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। ऐसे में पेपर लीक की घटना ने पूरे देश के छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक तनाव में डाल दिया है। छात्रों ने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाली परीक्षा अनियमितताओं के बावजूद सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
छात्रों के भविष्य पर मंडराया संकट
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि एक परीक्षा के लिए छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं। कोचिंग, पढ़ाई और तैयारी में परिवार लाखों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन जब परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हो जाता है, तो पूरी मेहनत बेकार चली जाती है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए।
NTA ने परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजन की घोषणा की
बताया जा रहा है कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले कुछ छात्रों तक पहुंच गया था। मामले के सामने आने के बाद परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा को रद्द करने और जल्द ही दोबारा परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया।
NTA की ओर से जारी जानकारी में कहा गया कि छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। पुराने आवेदन के आधार पर ही पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी और इसके लिए किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
NEET पेपर लीक मामले ने देश की परीक्षा प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। लगातार हो रही परीक्षा अनियमितताओं के कारण छात्रों का भरोसा भी कमजोर पड़ता जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर बड़े सुधारों की जरूरत है। छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द इस मामले में ठोस कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
