Hemant Soren News : झारखंड मंत्रालय में योजना एवं विकास विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, बजटीय खर्च, Innovative Schemes और 10 वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट पर हुआ मंथन
Hemant Soren News : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने योजना एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में विभिन्न योजनाओं और बजटीय प्रावधानों के कार्यान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में Innovative Schemes, One District One Project, PMU गठन और 10 वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने जैसे अहम विषयों पर चर्चा हुई।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से योजना एवं विकास विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। झारखंड मंत्रालय में आयोजित इस बैठक में विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं, बजटीय प्रावधानों और परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाना वर्तमान समय की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना एवं विकास विभाग को अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर चालू वित्तीय वर्ष और आगामी वित्तीय वर्ष की योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की जरूरत है। बैठक में योजना एवं विकास विभाग के मंत्री राधा कृष्ण किशोर भी मौजूद रहे।
Innovative Schemes पर बढ़ेगा फोकस
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नवाचारी योजनाओं यानी Innovative Schemes को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। विभागीय सचिव ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि Innovative Schemes के तहत पहले 2 करोड़ रुपए तक की सीमा थी, जिसे बढ़ाकर अब 5 करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे जिलों और विभागों को नई सोच के साथ विकास कार्यों को लागू करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा बैठक में “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोजेक्ट” की अवधारणा पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक जिले की स्थानीय जरूरतों और संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं के चयन के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय असमानताओं को कम करते हुए संतुलित विकास सुनिश्चित करना है।
पुरानी योजनाओं की समीक्षा और PMU गठन पर चर्चा
समीक्षा बैठक में पिछले पांच वर्षों से संचालित योजनाओं के प्रदर्शन का भी मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों ने सुझाव दिया कि जिन योजनाओं का प्रभाव सीमित रहा है या जिनमें सुधार की आवश्यकता है, उनकी समीक्षा कर आवश्यक बदलाव किए जाएं। कुछ योजनाओं को बंद करने अथवा पुनर्गठित करने पर भी विचार करने की बात सामने आई।
बैठक में केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS Schemes) की बेहतर मॉनिटरिंग और सपोर्ट के लिए एक PMU (Project Management Unit) के गठन पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति आएगी।
बजटीय खर्च और 10 वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट पर जोर
बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजनागत बजट के कम से कम 75 प्रतिशत खर्च सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने ऐसे विभागों की समीक्षा करने के निर्देश दिए, जिनका खर्च 60 प्रतिशत से कम है। उन्होंने कहा कि बजट आवंटन का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब योजनाओं को समय पर धरातल पर उतारा जाए।
इसके साथ ही राज्य के अगले 10 वर्षों के विकास को ध्यान में रखते हुए एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने का सुझाव भी सामने आया। यह दस्तावेज राज्य की दीर्घकालिक विकास रणनीति और प्राथमिकताओं को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, योजना एवं विकास विभाग के सचिव मुकेश कुमार, अपर सचिव विजया जाधव, अपर निदेशक-सह-अपर सचिव कृष्ण नंदन प्रसाद समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में लिए गए निर्णयों को झारखंड के विकास एजेंडे के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
