Jharkhand Influencer Engagement Policy : इंटरनेट मीडिया इंफ्लुएंसर्स के जरिए झारखंड पर्यटन को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी
Jharkhand Influencer Engagement Policy : झारखंड सरकार राज्य में पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा लेने जा रही है। पर्यटन, कला संस्कृति एवं खेलकूद विभाग जल्द ही इंफ्लुएंसर इंगेजमेंट पॉलिसी लागू करेगा, जिसके माध्यम से सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स राज्य के पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार करेंगे। पतरातू में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय इंफ्लुएंसर सम्मेलन में इस नीति का शुभारंभ किया जाएगा।
झारखंड सरकार अब राज्य के पर्यटन को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की तैयारी में जुट गई है। बदलते दौर में सोशल मीडिया और इंटरनेट मीडिया की बढ़ती ताकत को देखते हुए राज्य सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इंफ्लुएंसर इंगेजमेंट पॉलिसी लागू करने का निर्णय लिया है। इस नई पहल का उद्देश्य झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक स्थल और पर्यटन स्थलों को देश-दुनिया तक पहुंचाना है।
पर्यटन, कला संस्कृति एवं खेलकूद विभाग द्वारा सोमवार को राज्य स्तरीय इंफ्लुएंसर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन पतरातू स्थित होटल पर्यटन विहार में आयोजित होगा, जहां राज्यभर के प्रमुख डिजिटल क्रिएटर्स, यूट्यूबर्स, ट्रैवल ब्लॉगर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स शामिल होंगे।
पतरातू में होगा राज्य स्तरीय इंफ्लुएंसर सम्मेलन
राज्य सरकार द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य झारखंड की ब्रांडिंग और डिजिटल प्रमोशन को मजबूत करना है। कार्यक्रम में पर्यटन विभाग और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर चर्चा होगी। सम्मेलन में विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
सरकार का मानना है कि आज के दौर में लोग किसी पर्यटन स्थल के बारे में जानकारी लेने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स का अधिक उपयोग करते हैं। ऐसे में यदि लोकप्रिय इंफ्लुएंसर्स झारखंड के पर्यटन स्थलों को अपने कंटेंट के माध्यम से प्रमोट करेंगे, तो इससे राज्य में पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो सकती है।
इंफ्लुएंसर्स को मिलेगा पारिश्रमिक और सरकारी सहयोग
नई इंफ्लुएंसर इंगेजमेंट पॉलिसी के तहत उन डिजिटल क्रिएटर्स को विशेष लाभ मिलेगा, जो झारखंड के पर्यटन स्थलों को अपने वीडियो, ब्लॉग, रील्स और पोस्ट के माध्यम से प्रमोट करेंगे। पर्यटन विभाग ऐसे इंफ्लुएंसर्स को पारिश्रमिक भी प्रदान करेगा।
इसके अलावा विभाग द्वारा कंटेंट निर्माण में आवश्यक सहयोग, लोकेशन एक्सेस, शूटिंग परमिशन और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के कंटेंट क्रिएटर्स को झारखंड में काम करने के नए अवसर मिलेंगे।
सरकार को उम्मीद है कि इस नीति से न केवल पर्यटन क्षेत्र को लाभ मिलेगा, बल्कि स्थानीय कलाकारों, हस्तशिल्प व्यवसायियों, होटल उद्योग और परिवहन सेवाओं को भी रोजगार और आय के नए अवसर प्राप्त होंगे।
झारखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा नया मंच
झारखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झरनों, पहाड़ियों, जंगलों और आदिवासी संस्कृति के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। नेतरहाट, पतरातू वैली, हुंडरू फॉल, दशम फॉल, देवघर, पारसनाथ और बेटला नेशनल पार्क जैसे पर्यटन स्थल लंबे समय से लोगों को आकर्षित करते रहे हैं। हालांकि डिजिटल प्रमोशन की कमी के कारण कई पर्यटन स्थल राष्ट्रीय स्तर पर वह पहचान नहीं बना सके, जिसके वे हकदार हैं।
नई पॉलिसी लागू होने के बाद सोशल मीडिया के जरिए इन स्थलों की तस्वीरें, वीडियो और ट्रैवल स्टोरी देश-दुनिया तक पहुंचेंगी। इससे झारखंड को एक बेहतर पर्यटन गंतव्य के रूप में पहचान मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
स्थानीय युवाओं के लिए भी खुलेंगे नए अवसर
डिजिटल कंटेंट क्रिएशन आज युवाओं के लिए तेजी से उभरता हुआ करियर बन चुका है। ऐसे में सरकार की यह पहल राज्य के युवाओं को भी प्रेरित करेगी। स्थानीय युवा ट्रैवल व्लॉगिंग, फोटोग्राफी, वीडियो मेकिंग और सोशल मीडिया मार्केटिंग के क्षेत्र में नए अवसर तलाश सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह नीति प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो आने वाले समय में झारखंड देश के प्रमुख डिजिटल टूरिज्म हब के रूप में उभर सकता है। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
पर्यटन विकास की दिशा में बड़ा कदम
झारखंड सरकार की यह नई पहल पर्यटन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। डिजिटल युग में इंफ्लुएंसर मार्केटिंग को सबसे प्रभावी प्रचार माध्यम माना जा रहा है। ऐसे में राज्य सरकार का यह कदम पर्यटन विकास, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सरकार की कोशिश है कि झारखंड की खूबसूरती और सांस्कृतिक विविधता को देश और दुनिया के सामने नए अंदाज में प्रस्तुत किया जाए। अब देखने वाली बात होगी कि इंफ्लुएंसर इंगेजमेंट पॉलिसी लागू होने के बाद झारखंड पर्यटन को कितना फायदा मिलता है।
