Jharkhand News : राज्य सरकार की बड़ी पहल: शहरी इलाकों के हर घर तक पहुंचेगा स्वच्छ पेयजल
Jharkhand News : झारखंड सरकार ने शहरी क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। नगर विकास विभाग और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग मिलकर राज्य के बचे हुए तीन लाख घरों तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं। इस योजना पर 100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य साल 2026 के अंत तक शहरी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित करना है।
झारखंड सरकार की नई योजना से हर घर तक पहुंचेगा पानी
झारखंड सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत देने की तैयारी की है। अब शहरों के हर घर तक नल के जरिए स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए राज्य सरकार 100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी। इस योजना के तहत उन इलाकों में भी पाइपलाइन बिछाई जाएगी जहां अब तक जलापूर्ति की सुविधा नहीं पहुंच पाई है। खासकर नगर निगम की सीमा से सटे नए मोहल्लों और तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
राज्य के नगर विकास विभाग और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने संयुक्त रूप से इस योजना को जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। विभागों की ओर से सभी नगर निकायों को ऐसे क्षेत्रों की सूची तैयार कर भेजने का निर्देश दिया गया है जहां अभी तक पाइपलाइन नहीं पहुंची है। सरकार का मानना है कि स्वच्छ पेयजल लोगों का बुनियादी अधिकार है और इसे हर परिवार तक पहुंचाना प्राथमिकता है।
तीन लाख घरों तक पहुंचेगा नल का जल
सरकारी आंकड़ों के अनुसार झारखंड के कई शहरों में पहले ही घरों तक पाइपलाइन पहुंचाई जा चुकी है, लेकिन अभी भी लगभग तीन लाख घर ऐसे हैं जहां नियमित जलापूर्ति की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। इन घरों तक पाइपलाइन पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
सरकार की योजना है कि साल के अंत तक इन घरों में पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाए। इसके अलावा जिन घरों तक पाइपलाइन पहुंच चुकी है लेकिन अभी तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई है, वहां भी जल्द जलापूर्ति शुरू करने का निर्देश दिया गया है। इससे लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
अमृत योजना से आठ लाख नए घरों को मिलेगा लाभ
झारखंड में इस समय अमृत-1, अमृत-2 और सुनिश्चित जल सुविधा जैसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना और लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है।
सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के पूर्ण होने के बाद राज्य के करीब आठ लाख नए घरों तक पानी पहुंचने लगेगा। केंद्र सरकार ने भी इन योजनाओं के अगले चरण को लेकर प्रारंभिक रिपोर्ट मांगी है। इससे साफ है कि आने वाले समय में इस योजना का और भी विस्तार किया जाएगा।
इन योजनाओं के लिए इस वित्तीय वर्ष में पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया गया है। राज्य सरकार अपने बजट से भी अतिरिक्त राशि खर्च करेगी ताकि किसी भी इलाके में काम अधूरा न रहे। अधिकारियों के मुताबिक, जलापूर्ति व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा ताकि लोगों को नियमित और साफ पानी मिल सके।
नगर निकायों को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
इस योजना को सफल बनाने के लिए नगर निकायों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र के उन घरों और मोहल्लों की सूची तैयार करें जहां अब तक पाइपलाइन नहीं पहुंची है।
इसके साथ ही पाइपलाइन विस्तार के लिए तकनीकी सर्वे भी किया जाएगा। जहां जरूरत होगी वहां नई पाइपलाइन डाली जाएगी और पुराने नेटवर्क को भी मजबूत किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि भविष्य में बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था तैयार की जाए।
बरसात के मौसम में जल की शुद्धता बनी चुनौती
राज्य सरकार जहां एक ओर जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर बरसात के मौसम में पानी की शुद्धता बनाए रखना भी बड़ी चुनौती बन गया है। बारिश के बाद भूगर्भ जल में प्रदूषण की संभावना बढ़ जाती है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने जिला स्तर पर विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग द्वारा जल की गुणवत्ता जांचने के लिए टीमों का गठन किया गया है। इसके अलावा खुले जल स्रोतों की भी नियमित जांच की जाएगी।
जल सहियाओं को दिए गए टेस्टिंग किट
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल की गुणवत्ता जांचने के लिए जल सहियाओं को विशेष टेस्टिंग किट उपलब्ध कराए गए हैं। इन किटों की मदद से पानी में किसी भी प्रकार के प्रदूषण की पहचान की जा सकेगी। यदि किसी क्षेत्र में जल स्रोत दूषित पाया जाता है, तो वहां वैकल्पिक स्रोत से पानी की आपूर्ति की जाएगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दूषित पानी कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। ऐसे में सरकार की यह पहल लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
झारखंड सरकार की यह योजना राज्य के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आने वाली है। लंबे समय से कई इलाकों में लोग पानी की समस्या से जूझ रहे थे। कहीं टैंकरों पर निर्भरता थी तो कहीं लोग हैंडपंप और निजी बोरिंग के सहारे पानी की जरूरत पूरी कर रहे थे।
अब सरकार की नई पहल से लोगों को घर बैठे स्वच्छ पानी मिलने की उम्मीद जगी है। इससे न सिर्फ लोगों का समय बचेगा बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भी कमी आएगी। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में झारखंड के हर शहरी घर तक नियमित और सुरक्षित पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
