Jharkhand News: रांची में रिम्स भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त मामले की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी ACB ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक जमीन ब्रोकर भी शामिल है, जो इस पूरे रैकेट का अहम हिस्सा बताया जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और मामले को लेकर कई नए खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है। ACB की टीम लंबे समय से इस मामले की गहन जांच कर रही थी और अब मिले सबूतों के आधार पर यह गिरफ्तारी की गई है।
किन लोगों की हुई गिरफ्तारी और उनकी भूमिका.
गिरफ्तार आरोपियों में दीपाटोली निवासी राजकिशोर बाराइक और कार्तिक बाराइक शामिल हैं। इनके अलावा आदर्श नगर निवासी राजेश कुमार झा और खूंटी के कुमांग निवासी चैतन कुमार को भी हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने मिलकर रिम्स द्वारा अधिग्रहित जमीन की अवैध तरीके से खरीद-फरोख्त की। इन लोगों ने फर्जी वंशावली तैयार कर जमीन पर अपना दावा मजबूत करने की कोशिश की और व्यक्तिगत लाभ के लिए इस पूरे नेटवर्क को संचालित किया। पुलिस और ACB का मानना है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं जिनकी पहचान की जा रही है।
फर्जी दस्तावेज और जमीन सौदे का पूरा खेल.
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और नकली वंशावली तैयार कर जमीन के मालिकाना हक को गलत तरीके से स्थापित करने की कोशिश की। रिम्स द्वारा अधिग्रहित जमीन को निजी लाभ के लिए बेचने और खरीदने का यह पूरा खेल सुनियोजित तरीके से किया गया था। ACB को जांच के दौरान ऐसे कई दस्तावेज मिले हैं जो इस धोखाधड़ी की ओर इशारा करते हैं। इन सबूतों के आधार पर ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल जमीन घोटाले तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें भ्रष्टाचार और संगठित अपराध के पहलू भी जुड़े हो सकते हैं, जिसकी गहराई से जांच की जा रही है।
कानूनी प्रावधान और आगे की जांच प्रक्रिया.
इस मामले में ACB ने 5 जनवरी 2026 को विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 318, 336, 338, 340, 61 और 49 के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(d) और धारा 12 तथा संशोधित अधिनियम 2018 की संबंधित धाराएं शामिल हैं। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और ACB यह पता लगाने में जुटी है कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की जाएगी और इस पूरे नेटवर्क को उजागर किया जाएगा।
