Jharkhand News: शहर के टीन बाजार चौक स्थित एसबीआई एटीएम में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत 47 वर्षीय रोबिन हेंब्रम ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना सोमवार को कड़हरबिल स्थित उनके आवास पर सामने आई। परिजनों और पुलिस के अनुसार रोबिन अपने घर में अकेले थे जब उन्होंने यह कदम उठाया। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार के बाहरी विवाद या संघर्ष के संकेत नहीं मिले हैं।
ड्यूटी और आखिरी संपर्क के संकेत
जानकारी के अनुसार रोबिन हेंब्रम ने रविवार को दिनभर एटीएम में अपनी ड्यूटी पूरी की थी और शाम को घर लौट आए थे। सोमवार सुबह और शाम को उनके इंचार्ज धर्मेंद्र ने कई बार फोन किया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद इंचार्ज के कहने पर एक अन्य गार्ड उनके घर पहुंचा और उन्हें जगाने का प्रयास किया। घर का दरवाजा अंदर से बंद था और बार बार आवाज देने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। स्थिति संदिग्ध लगने पर इंचार्ज और अन्य गार्ड मौके पर पहुंचे और खिड़की के रास्ते झांककर स्थिति देखने की कोशिश की। दरवाजा खोलते ही अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए।
परिवार की स्थिति और सामने आया कारण
मृतक की बड़ी बेटी सुनीता हेंब्रम के बयान के आधार पर पुलिस ने यूडी केस दर्ज किया है। परिवार के अनुसार रोबिन की पत्नी लंबे समय से बीमार चल रही थी और उनका इलाज बंगाल में चल रहा था। बीमारी के इलाज में होने वाले खर्च को लेकर रोबिन मानसिक रूप से चिंतित रहते थे। इसी बीच परिवार में अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी सामने आईं जिससे तनाव और बढ़ गया। बेटी ने पुलिस को बताया कि पिता परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे। हालांकि उन्होंने किसी तरह की शंका या बाहरी दबाव की बात नहीं बताई है।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
नगर थाना प्रभारी जगन्नाथ धान ने बताया कि फिलहाल मामले में यूडी केस दर्ज कर लिया गया है और हर पहलू से जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं किसी प्रकार का मानसिक दबाव या अन्य कारण तो इस घटना के पीछे नहीं है। गार्ड के सहकर्मियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके। प्रारंभिक जांच में आर्थिक कारण और पत्नी की बीमारी को संभावित वजह माना जा रहा है लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
