Jharkhand News: भारत निर्वाचन आयोग अब मतदाता सूची में दर्ज तस्वीरों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर नजर आ रहा है। इसी कड़ी में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रवि कुमार ने शुक्रवार को सभी जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और भरोसेमंद बनाना था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने साफ कहा कि मतदाता पहचान से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करती है। इसलिए फोटो की गुणवत्ता से लेकर मतदाताओं से संपर्क तक हर स्तर पर सुधार जरूरी है। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि साफ और स्पष्ट फोटो न सिर्फ पहचान में मदद करती है बल्कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता भी बढ़ाती है।
बीएलओ ऐप से फोटो अपलोड करने के निर्देश
बैठक में के रवि कुमार ने निर्देश दिया कि मतदाता सूची में दर्ज सभी खराब या कम गुणवत्ता वाली तस्वीरों को जल्द से जल्द बदला जाए। इसके लिए सभी बूथ लेवल ऑफिसर यानी बीएलओ को अपने बीएलओ ऐप का इस्तेमाल करते हुए सीधे मतदाताओं की फोटो खींचकर ऐप पर अपलोड करनी होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में पुरानी या धुंधली तस्वीरें मतदाता सूची में नहीं रहनी चाहिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि कम गुणवत्ता वाली तस्वीरों से जुड़े सभी मामलों का निपटारा चार फरवरी तक हर हाल में कर लिया जाए। उन्होंने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि इस काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसकी नियमित निगरानी की जाएगी।
मतदाता और बीएलओ के बीच सीधा संपर्क जरूरी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में मतदाता और बीएलओ के बीच बेहतर तालमेल पर भी खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर मतदान केंद्र पर पंजीकृत प्रत्येक मतदाता के पास अपने बीएलओ का संपर्क नंबर होना चाहिए। उसी तरह हर बीएलओ के पास अपने मतदान केंद्र के सभी मतदाताओं की संपर्क जानकारी होनी चाहिए। इस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निर्वाचन आयोग ने ईसीनेट के जरिए बुक अ कॉल विद योर बीएलओ की सुविधा उपलब्ध कराई है। के रवि कुमार ने निर्देश दिया कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए आने वाली हर शिकायत और अनुरोध को गंभीरता से लिया जाए और समय पर समाधान किया जाए। उनका कहना था कि मतदाता को यह महसूस होना चाहिए कि प्रशासन उनकी बात सुन रहा है और तुरंत मदद के लिए उपलब्ध है।
शिकायत निवारण और वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी
बैठक में यह भी बताया गया कि ईसीनेट प्लेटफॉर्म पर कॉल बैक की सुविधा मौजूद है। ऐसे में अगर कोई मतदाता संपर्क करता है तो संबंधित बीएलओ की जिम्मेदारी है कि वह समय रहते कॉल बैक करे और समस्या का समाधान करे। के रवि कुमार ने कहा कि शिकायतों को लंबित रखना मतदाताओं का भरोसा कमजोर करता है। इसलिए त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है। इस वर्चुअल बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुबोध कुमार, नोडल अधिकारी प्रशिक्षण देव दास दत्ता, उप निर्वाचन अधिकारी धीरज ठाकुर और सहायक निर्वाचन अधिकारी सुनील कुमार भी मौजूद रहे। सभी जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि चुनाव आयोग के निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा ताकि मतदाता सूची अधिक सटीक और विश्वसनीय बन सके।
