uangtogel

23 C
Delhi
Wednesday, February 25, 2026
HomejharkhandJharkhand News: सारंडा में माओवादियों का अंतिम कब्जा खत्म करने की बड़ी...

Jharkhand News: सारंडा में माओवादियों का अंतिम कब्जा खत्म करने की बड़ी तैयारी, मार्च तक कामयाबी

Jharkhand News: झारखंड के सारंडा क्षेत्र में माओवादियों के खिलाफ अंतिम लड़ाई जोर-शोर से चल रही है। हाल ही में ऑपरेशन मेगाबुरु में सुरक्षा बलों ने 17 माओवादियों को मार गिराया था, जिससे जवानों का उत्साह बढ़ गया है। अब वे बचे हुए माओवादियों की खोज में दिन-रात अभियान चला रहे हैं। सुरक्षा बलों ने ओडिशा सीमा से लेकर झारखंड के विभिन्न हिस्सों तक अपना घेराव सख्त कर दिया है। झारखंड जगुआर (एसटीएफ), कोबरा, सीआरपीएफ और जिला पुलिस की टीमें मिलकर माओवादियों के चारों तरफ कड़ी सुरक्षा चादर बिछा रखी है। दस अस्थाई शिविर बनाए गए हैं, जो माओवादी गुट को पूरी तरह से घेर चुके हैं।

सभी मार्गों को सील कर दिया गया है जिनसे माओवादी अपने हथियार और रसद लेकर आते थे। बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं, जिससे माओवादी पूरी तरह घिर चुके हैं और उनके सप्लाई चैन कट चुके हैं। उनकी स्थिति बेहद नाजुक है और उनके पास केवल दो विकल्प बचे हैं—या तो आत्मसमर्पण कर दें या फिर सुरक्षा बलों से टकराव करें। सुरक्षा बलों ने दावा किया है कि वे कुल 45 माओवादियों को घेर चुके हैं, जिनमें दो कुख्यात माओवादी, मिसिर बिसरा और आसिम मंडल भी शामिल हैं, जिनके सिर पर एक-एक करोड़ रुपये का इनाम है। इन दोनों का सफाया ही झारखंड में माओवादी विद्रोह के अंत का प्रतीक माना जाएगा। ऑपरेशन की अंतिम तिथि मार्च 2026 तय की गई है, लेकिन सुरक्षा बलों की कड़ी तैयारियों के कारण जल्द ही सारंडा से माओवादी गढ़ के पतन की खुशखबरी मिलने की उम्मीद है।

सुरक्षा बल माओवादियों की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए ड्रोन तकनीक का भी उपयोग कर रहे हैं। ड्रोन की मदद से माओवादियों के छिपने और हिलने-डुलने की पूरी जानकारी मिलती है, जिससे सुरक्षा बलों को उनकी चालों को भांपने में मदद मिलती है। जवान माओवादियों की भाषा में जवाब देते हुए रात के अंधेरे में उनकी अस्थाई शिविरों के समान कड़ी निगरानी रखते हैं। सुरक्षा कर्मी अपने शिविरों के चारों ओर चौकसी बढ़ाकर वॉकी-टॉकी के माध्यम से साथी जवानों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देते हैं। हर कोई ‘जीत या मौत’ के मूड में है। जब माओवादियों का झारखंड में बोलबाला था, तब उन्होंने भी इसी तरह के कड़े सैन्य रणनीति अपनाई थी ताकि वे सुरक्षा बलों को घेर कर मुश्किल में डाल सकें।

पिछले दिनों पश्चिम सिंहभूम जिले के छोटानागड़ा थाना क्षेत्र में हुई ऑपरेशन मेगाबुरु में मारे गए 17 माओवादियों के मामले की जांच जल्द ही CID करेगी। इस मामले की FIR CID को सौंप दी गई है और अब पूरी जांच CID अधिकारी करेंगे। जब भी पुलिस की फायरिंग से किसी अपराधी, माओवादी या आम नागरिक की मौत होती है, तो जांच की जिम्मेदारी CID को सौंपी जाती है। यह एक कानूनी प्रक्रिया है जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि किसी भी कार्रवाई में किसी प्रकार की चूक या गलतफहमी न रहे। ऑपरेशन मेगाबुरु केस की भी CID जांच करेगी ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सके।

jnews
jnewshttp://jharkhandnews.com
नेहा यादव पिछले पाँच वर्षों से एक प्रतिभाशाली और समर्पित न्यूज़ आर्टिकल राइटर के रूप में काम कर रही हैं। उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गहराई से शोध कर, समाचारों को सटीक और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अपना अनूठा अंदाज विकसित किया है। उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और आकर्षक है जिससे पाठकों को जानकारी समझने में आसानी होती है। नेहा हर दिन नवीनतम घटनाओं और विषयों पर अपडेट रहती हैं और उन्हें व्यापक दृष्टिकोण से दर्शाने का प्रयास करती हैं। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें न्यूज़ वेबसाइट पर विश्वसनीय और सम्मानित लेखक बना दिया है। वे लगातार समाज के मुद्दों को उजागर करने और जागरूकता फैलाने में योगदान दे रही हैं।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

https://gregabandoned.com/urbex/

slot jepang

slot27

sip777

barudak88

barudak88

slot bet 100

slot gacor 777

https://www.bbadgvc.com/

togel china

https://therealicyspot.com/is-italian-ice-healthier-than-ice-cream/ https://therealicyspot.com/is-italian-ice-keto-friendly/

hongkong slot

hongkong slot

mahjong slot

slot scatter hitam