Jharkhand के पाकुड़ जिले में स्कूल जाते समय लापता हुईं दो नाबालिग बहनों को आखिरकार सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। यह मामला पूरे इलाके में चिंता का विषय बन गया था क्योंकि दोनों बहनें अचानक घर से गायब हो गई थीं। पुलिस के अनुसार दोनों बहनों को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर रेलवे स्टेशन से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। यह कार्रवाई तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर की गई। पुलिस ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि दोनों बच्चियां सुरक्षित हैं और किसी तरह की गंभीर अनहोनी नहीं हुई है। इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि समय पर की गई पुलिस कार्रवाई किस तरह से बड़े संकट को टाल सकती है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दोनों बहनें पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र में रहती हैं और एक ही स्कूल में पढ़ती हैं। मंगलवार को दोनों रोज की तरह स्कूल के लिए घर से निकली थीं लेकिन उसके बाद घर नहीं लौटीं। शाम तक जब उनका कोई पता नहीं चला तो परिजन घबरा गए। इसके बाद पिता ने अमड़ापाड़ा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। एसडीपीओ महेशपुर विजय कुमार ने बताया कि शुरुआत से ही पुलिस को आशंका थी कि बच्चियां जिले से बाहर जा सकती हैं इसलिए जांच का दायरा बड़ा रखा गया।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से खोजबीन शुरू कर दी। साथ ही दक्षिण भारत के कई रेलवे स्टेशनों को अलर्ट किया गया। इसी दौरान नेल्लोर में गवर्नमेंट रेलवे पुलिस को एक अहम सूचना मिली। गुरुवार रात नेल्लोर रेलवे स्टेशन पर दोनों बहनों को एक लड़के के साथ देखा गया। इसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें सुरक्षित हिरासत में लिया गया। जांच में पता चला कि दोनों बहनें पाकुड़ से चेन्नई की ओर जा रही थीं और नेल्लोर स्टेशन पर उन्हें रोक लिया गया। पुलिस ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन में कई राज्यों की एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला।
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों बहनें किसी दबाव या अपहरण का शिकार नहीं हुई थीं बल्कि वे अपनी मर्जी से घर से निकली थीं। पुलिस के अनुसार बड़ी बहन सत्रह साल की है और कक्षा ग्यारह की छात्रा है। वह अपने एक पुरुष मित्र के साथ गई थी। छोटी बहन तेरह साल की है और कक्षा नौ में पढ़ती है। वह भी दोनों के साथ चली गई। पुलिस ने यह भी साफ किया है कि इस मामले में किसी स्कूल शिक्षक की कोई भूमिका नहीं है। परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के बाद पाया गया कि जिस शिक्षक का नाम लिया गया था वह घटना के समय पाकुड़ में ही मौजूद था। फिलहाल दोनों बहनों का नेल्लोर में मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें एक या दो दिन में उनके गृह जिले वापस लाया जाएगा। पुलिस ने कहा है कि मामले की आगे भी जांच जारी रहेगी ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।
