uangtogel

23 C
Delhi
Sunday, February 8, 2026
HomejharkhandJharkhand में बड़ा स्वास्थ्य संकट, कुत्ते से दूषित प्रसाद खाने से 200...

Jharkhand में बड़ा स्वास्थ्य संकट, कुत्ते से दूषित प्रसाद खाने से 200 ग्रामीण बीमार

Jharkhand: लोधरिया गांव में एक गंभीर और डराने वाली घटना सामने आई है जहां कुत्ते से दूषित प्रसाद खाने के बाद 200 से ज्यादा ग्रामीण बीमार पड़ गए। इनमें बड़ी संख्या में बुजुर्ग और छोटे बच्चे शामिल हैं। 23 जनवरी को गांव में सरस्वती पूजा का आयोजन हुआ था। पूजा के दौरान बुनिया चूड़ा और फल का प्रसाद तैयार किया गया। इसी बीच कुछ कुत्ते पूजा स्थल पर पहुंच गए और प्रसाद को जूठा कर दिया। बताया जा रहा है कि वहां मौजूद बच्चों ने डर या अनजानपन की वजह से यह बात किसी को नहीं बताई। बाद में वही प्रसाद करीब 200 लोगों में बांट दिया गया। जब यह खबर फैली कि प्रसाद कुत्तों से दूषित हो गया था तब पूरे गांव में डर और अफरातफरी का माहौल बन गया। लोग रेबीज के खतरे को लेकर सहम गए और तुरंत इलाज की तलाश में निकल पड़े।

घटना की जानकारी मिलते ही टुंडी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ श्रवण कुमार को सूचित किया गया। उन्होंने सभी लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने की सलाह दी। इसके बाद गांव के लोग बड़ी संख्या में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों की ओर भागे। लेकिन यहीं से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आने लगी। पहले दिन 27 जनवरी को लोधरिया में केवल 30 लोगों को ही वैक्सीन लग पाई। दूसरे दिन वैक्सीन का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो गया। इसके बाद धनबाद सदर अस्पताल से 50 वैक्सीन मंगाई गई। बुधवार को टुंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 50 लोगों को टीका लगाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि कम से कम 200 लोगों को वैक्सीन की जरूरत है। इसी को देखते हुए सीएचसी प्रभारी ने मुख्यालय से लगभग 200 वैक्सीन की मांग की है।

बुधवार को प्रभावित लोगों को टुंडी सीएचसी बुलाया गया लेकिन वहां हालात बेहद खराब थे। न तो पर्याप्त व्यवस्था थी और न ही जिम्मेदार अधिकारी मौजूद थे। ग्रामीणों का आरोप है कि डॉ श्रवण कुमार और अन्य डॉक्टर अस्पताल में मौजूद नहीं थे। पूरे अस्पताल में सिर्फ एक या दो स्वास्थ्यकर्मी नजर आए। मरीजों के पंजीकरण के लिए कोई कर्मचारी नहीं था। केवल एक डॉक्टर डॉ ऋत्विक लोचन ही मौजूद थे। घंटों इंतजार के दौरान भूख और प्यास से बच्चे रोने लगे जिससे लोगों का धैर्य टूट गया। हालात इतने बिगड़े कि अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया। अंत में मरीजों के परिजनों ने खुद ही रजिस्टर निकालकर नाम लिखना शुरू कर दिया। लोगों का कहना है कि इस अस्पताल में नियमित रूप से डॉक्टर आते ही नहीं हैं और प्रभारी डॉक्टर ब्लॉक मुख्यालय में रहने के बजाय धनबाद शहर में रहते हैं।

इस पूरे मामले पर टुंडी के अंचल अधिकारी सुरेश प्रसाद बरनवाल ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए मुख्यालय में रहना अनिवार्य है और यह स्पष्ट सरकारी निर्देश है। उन्होंने माना कि यह मामला गंभीर है और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी है। अंचल अधिकारी ने कहा कि वह इस संबंध में उप विकास आयुक्त से बात करेंगे और पूरी जानकारी देंगे। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। साथ ही पर्याप्त संख्या में वैक्सीन की व्यवस्था की जाएगी ताकि सभी प्रभावित लोगों का इलाज समय पर हो सके और गांव में फैले डर को खत्म किया जा सके।

Neha Yadav
Neha Yadavhttp://jharkhandnews.com
नेहा यादव पिछले पाँच वर्षों से एक प्रतिभाशाली और समर्पित न्यूज़ आर्टिकल राइटर के रूप में काम कर रही हैं। उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गहराई से शोध कर, समाचारों को सटीक और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अपना अनूठा अंदाज विकसित किया है। उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और आकर्षक है जिससे पाठकों को जानकारी समझने में आसानी होती है। नेहा हर दिन नवीनतम घटनाओं और विषयों पर अपडेट रहती हैं और उन्हें व्यापक दृष्टिकोण से दर्शाने का प्रयास करती हैं। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें न्यूज़ वेबसाइट पर विश्वसनीय और सम्मानित लेखक बना दिया है। वे लगातार समाज के मुद्दों को उजागर करने और जागरूकता फैलाने में योगदान दे रही हैं।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

www.designartgraphic.comspot_img

Most Popular

Recent Comments

https://www.breaknwaves.com/watersport_rentals.php

barudak88

barudak88

slot bet 100

slot gacor 777

https://www.bbadgvc.com/

togel china

https://therealicyspot.com/is-italian-ice-healthier-than-ice-cream/ https://therealicyspot.com/is-italian-ice-keto-friendly/

hongkong slot

hongkong slot

mahjong