Jharkhand News: झारखंड में लापता बच्चों को लेकर चल रही चिंता के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। रांची जिले के ओरमांझी थाना क्षेत्र से 61 दिन पहले लापता हुआ 11 वर्षीय कनहैया कुमार आखिरकार सुरक्षित मिल गया है। रांची पुलिस से मिली सूचना के आधार पर कोडरमा जिले के चंदवारा थाना क्षेत्र की पुलिस ने उसे उरवा इलाके से बरामद किया। यह बरामदगी पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है क्योंकि बच्चा काफी लंबे समय से लापता था और उसकी तलाश के लिए कई राज्यों में छापेमारी की जा रही थी। फिलहाल बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है और उसे चंदवारा थाना में संरक्षण में रखा गया है।
कैसे शुरू हुई तलाश और कैसे मिली सफलता
कनहैया कुमार 22 नवंबर 2025 की शाम रांची जिले के ओरमांझी इलाके से अचानक लापता हो गया था। इसके बाद रांची पुलिस ने विशेष जांच दल का गठन किया और बच्चे की तस्वीर राज्य के सभी थानों में भेजी गई। साथ ही देश के सात राज्यों में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही थी। इसी क्रम में सोमवार को चंदवारा थाना पुलिस को उरवा गांव में एक लावारिस बच्चे की सूचना मिली। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी शशि भूषण कुमार मौके पर पहुंचे और बच्चे को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। बच्चे की तस्वीर कोडरमा एसपी को भेजी गई, जिसके बाद इसे रांची एसएसपी को फॉरवर्ड किया गया। सत्यापन के बाद पुष्टि हुई कि यही लापता कनहैया कुमार है।
मां को खिलाकर निकला था बेटा, फिर नहीं लौटा
कनहैया के लापता होने की कहानी बेहद भावुक करने वाली है। वह ओरमांझी का रहने वाला है और 22 नवंबर की शाम अपने दोस्तों के साथ ब्लॉक चौक के पास स्थित एक स्कूल मैदान में फुटबॉल खेलने गया था। खेल खत्म होने के बाद वह ममता मार्केट पहुंचा, जहां उसकी मां ठेला लगाकर नाश्ता बेचती हैं। वहां उसने खुद नाश्ता बनाया और अपनी मां को खिलाया। इसके बाद यह कहकर निकला कि थोड़ी देर में लौट आएगा, लेकिन वह फिर कभी घर नहीं लौटा। परिवार ने आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की, रिश्तेदारों और जान पहचान वालों से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार थाने में मामला दर्ज कराया गया और पुलिस ने तलाश शुरू की।
भटकते हुए कोडरमा पहुंचा, अपहरण की गुत्थी सुलझी
मामले में एक अहम मोड़ तब आया जब बच्चे ने कोडरमा पुलिस को बताया कि वह घर से भटकते हुए अपने ननिहाल हाजीपुर चला गया था। वहां से लौटते समय बस चालक ने उसे चंदवारा थाना क्षेत्र के जमुखड़ी के पास उतार दिया। इसके बाद वह इधर उधर भटकता रहा। इसी दौरान मछली विक्रेता राजा साहनी की नजर उस पर पड़ी। बच्चे की हालत देखकर उन्होंने उसे अपने घर में कई दिनों तक शरण दी और स्थानीय पुलिस व व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए उसकी पहचान कराने की कोशिश की। इसी बीच रांची में गठित एसआईटी से मिले इनपुट के आधार पर कोडरमा पुलिस ने बच्चे की पहचान कर ली। कोडरमा डीएसपी ने बताया कि बच्चे को ओरमांझी पुलिस को सौंप दिया गया है और आगे की जांच वही करेगी। हाल के दिनों में राज्य में बाल अपहरण गिरोहों की सक्रियता के बीच कनहैया की सुरक्षित बरामदगी ने न सिर्फ परिवार बल्कि आम लोगों में भी पुलिस के प्रति भरोसा मजबूत किया है।

