Jharkhand liquor scam: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चल रहे शराब घोटाले की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी नवीन केडिया को गोवा से गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को हुई इस गिरफ्तारी के बाद अब ACB उसे रांची ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आएगी। इसके बाद उसकी कड़ी पूछताछ की जाएगी। इससे पहले नवीन केडिया पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, जिसके बाद वह फरार चल रहा था। उसने कोर्ट में जमानत की भी अर्जी दी थी, लेकिन गिरफ्तारी टल नहीं पाई।
मई 2022 में पूर्व मुख्य सचिव और एक्साइज एवं निषेध विभाग के अधिकारी विनय कुमार चौबे के कार्यकाल के दौरान एक्साइज नीति लागू की गई थी। इस नीति के तहत छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी और प्लेसमेंट एजेंसियों को झारखंड में काम दिया गया। आरोप है कि इन कारोबारियों ने झारखंड में ठेकों के लिए भारी कमीशन दिया। शराब कारोबारी नवीन केडिया की विनय कुमार चौबे से करीबी भी बताई जा रही है। ACB को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आएंगी, जिससे मामले की गुत्थी और भी सुलझेगी।
यह मामला 13 अक्टूबर 2025 से लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इसी दिन ACB ने अहमदाबाद, गुजरात से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था जो प्लेसमेंट एजेंसी विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज़ एंड कंसल्टेंट्स से जुड़े थे। इन आरोपियों में परेश अभेसिंग ठाकोर, विक्रमसिंह अभेसिंग ठाकोर और महेश शिडगे शामिल थे। इसके बाद 14 नवंबर को बिलासपुर, छत्तीसगढ़ से शराब कारोबारी राजेंद्र जायसवाल उर्फ चुन्नू जायसवाल को गिरफ्तार किया गया। 13 दिसंबर को ठाणे, महाराष्ट्र से प्लेसमेंट एजेंसी एम/एस मार्सन के निदेशक जगन तुकाराम देसाई को भी ACB ने हिरासत में लिया। नवीन केडिया अब इस मामले में छठे गिरफ्तार आरोपी हैं।
यह मामला भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का है जिसमें झारखंड के शराब ठेकों को लेकर बड़ी साजिश सामने आई है। ACB की कार्रवाई से साफ है कि जांच एजेंसी पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। नवीन केडिया की गिरफ्तारी से जांच में नया मोड़ आया है। अब यह देखना होगा कि पूछताछ में और कौन-कौन से महत्वपूर्ण तथ्य उजागर होते हैं। मामले की गूंज पूरे राज्य में है और आम जनता भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की मांग कर रही है। ACB की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सशक्त संदेश भी है।

