Giridih News : पचंबा थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नौकरी का झांसा देकर नाबालिग लड़कियों से कराया जा रहा था देह व्यापार, नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी
Giridih News : गिरिडीह के पचंबा थाना क्षेत्र में पुलिस ने सेक्स रैकेट का खुलासा करते हुए दो नाबालिग जुड़वां बहनों को मुक्त कराया है। मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है, जो नौकरी का झांसा देकर लड़कियों को फंसाती थी। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले से मानव तस्करी और जबरन देह व्यापार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पचंबा थाना पुलिस ने बेहद मुस्तैदी दिखाते हुए एक ऐसे अंतर-जिला सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो सीधे तौर पर मासूम और गरीब ग्रामीण लड़कियों को निशाना बना रहा था। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने बोडो इलाके के एक ठिकाने पर छापेमारी कर दो नाबालिग सगी बहनों को सुरक्षित बरामद किया है। वहीं, इस घिनौने काले कारोबार को संचालित करने वाली मुख्य साजिशकर्ता (मास्टरमाइंड) महिला को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिरसिया से दबोच लिया गया है।
इस घटना ने एक बार फिर महानगरों और शहरी इलाकों में ‘रोजगार’ के नाम पर चल रहे प्लेसमेंट और मानव तस्करी के रैकेटों की पोल खोल कर रख दी है। आइए जानते हैं कि आखिर पुलिस ने किस तरह इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया और यह शातिर नेटवर्क कैसे काम करता था।
एक फोन कॉल और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब बंद कमरे में कैद दो नाबालिग लड़कियों ने हिम्मत दिखाई। पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार को सूचना मिली कि बोडो इलाके के एक घर में कुछ लड़कियों को बंधक बनाकर रखा गया है और उनसे जबरन अश्लील काम कराया जा रहा है। दरअसल, बंधक बनाई गई दोनों नाबालिग लड़कियों ने किसी तरह एक मोबाइल फोन का इंतजाम किया और पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई।
पुलिस के आने की भनक लगते ही आरोपी महिला मौके से भागने में सफल रही थी, लेकिन पुलिस ने तकनीकी सेल की मदद से उसके लोकेशन को ट्रैक किया और मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिरसिया इलाके से उसे धर-दबोचा।
सगी जुड़वां बहनें बनीं शिकार, विरोध करने पर मिलती थी प्रताड़ना
पुलिस की गिरफ्त में आईं दोनों नाबालिग लड़कियां आपस में सगी जुड़वां बहनें हैं। पुलिस को दिए अपने बयान में उन्होंने जो खुलासा किया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। दोनों बहनों ने बताया कि आरोपी महिला ने उन्हें गांव में अच्छी नौकरी और अच्छे पैसे दिलाने का झांसा दिया था। चूंकि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए वे महिला की बातों में आ गईं और उसके साथ गिरिडीह शहर पहुंच गईं।
लड़कियों का आरोप है कि शहर लाने के बाद महिला का रंग पूरी तरह बदल गया। उन्हें बोडो स्थित एक मकान में पिछले 15 दिनों से कैद करके रखा गया था। वहां उनसे जबरन देह व्यापार (अवैध देह धंधा) कराया जाता था। जब भी दोनों बहनें इसका विरोध करती थीं, तो आरोपी महिला उनके साथ गाली-गलौज करती थी, मारपीट करती थी और उन्हें भूखा रखा जाता था।
घर जाने की जिद की, तो बढ़ा पहरा
मंगलवार को जब दोनों बहनों ने रोते हुए अपने घर वापस जाने की जिद की, तो आरोपी महिला ने उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी और कमरे को बाहर से बंद कर दिया। जब लड़कियों को समझ आ गया कि वे यहां से जिंदा नहीं बच सकतीं, तो उन्होंने चुपके से पुलिस को फोन लगाकर अपनी जान की भीख मांगी।
मास्टरमाइंड महिला का शातिर ‘मोडस ऑपेरंडी’ (काम करने का तरीका)
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार महिला बेहद शातिर और पेशेवर अपराधी की तरह काम करती थी। उसका नेटवर्क केवल गिरिडीह तक ही सीमित नहीं था, बल्कि वह आस-पास के जिलों से भी लड़कियों को लाती थी।
शांत और एकांत इलाकों का चयन: महिला हमेशा किसी नए, शांत और संभ्रांत या एकांत इलाके में किराए पर कमरा लेती थी ताकि किसी को शक न हो।
ठिकाना बदलने में माहिर: वह एक जगह पर ज्यादा दिनों तक नहीं टिकती थी। जैसे ही आस-पास के पड़ोसियों या स्थानीय लोगों को घर में संदिग्ध लोगों की आवाजाही पर शक होने लगता था, वह रातों-रात अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर दूसरे इलाके में नया ठिकाना बना लेती थी।
नेटवर्क का विस्तार: पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस धंधे में वह अकेली नहीं थी। उसके साथ कई दलाल, ऑटो चालक और लॉज संचालक भी शामिल थे जो ग्राहकों को लाने और लड़कियों को अलग-अलग जगहों पर भेजने का काम करते थे।
बड़े नेटवर्क का अंदेशा: पुलिस की छापेमारी जारी
पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच और लड़कियों के बयानों से स्पष्ट है कि यह एक संगठित अपराध (Organized Crime) का हिस्सा है। छुड़ाई गई दोनों बहनों ने पुलिस को बताया कि उनके अलावा भी कई अन्य राज्यों व जिलों की लड़कियों को नौकरी का लालच देकर यहां लाया जाता था और फिर उन्हें अलग-अलग ग्राहकों के पास भेज दिया जाता था।
वर्तमान में, पुलिस ने गिरफ्तार महिला को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही, इस सेक्स रैकेट से जुड़े अन्य सफेदपोशों और दलालों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
