Jamshedpur News : सरायकेला-खरसावां के वात्सल्य बालिका गृह से दो किशोरियों के लापता होने के बाद प्रशासन, पुलिस और सीडब्ल्यूसी की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल, सुरक्षा में बड़ी चूक की आशंका
Jamshedpur News : सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित वात्सल्य बालिका गृह से दो नाबालिग लड़कियों के फरार होने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। घटना के 48 घंटे बाद भी दोनों बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिलने से प्रशासनिक व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र स्थित वात्सल्य बालिका गृह से दो नाबालिग लड़कियों के अचानक लापता होने का मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना के 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद दोनों बच्चियों का कोई पता नहीं चल पाया है। इस घटना ने न केवल जिला प्रशासन बल्कि बाल संरक्षण व्यवस्था की तैयारियों और सुरक्षा प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार रात बालिका गृह से दो किशोरियां अचानक गायब हो गईं। इनमें से एक बच्ची जमशेदपुर के पटमदा थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है, जबकि दूसरी कुचाई थाना क्षेत्र से संबंधित है। घटना की जानकारी मिलते ही बालिका गृह प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और खोजबीन शुरू की गई।
मामले में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के अधिकारी संतोष कुमार की ओर से गम्हरिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और कई इलाकों में तलाश अभियान भी चलाया जा रहा है। हालांकि अब तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है।
इधर, सीडब्ल्यूसी की ओर से दावा किया गया है कि फरार हुई लड़कियों में से एक को उसके कथित प्रेमी के साथ देखे जाने की सूचना मिली है। हालांकि इस दावे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस भी इस संबंध में खुलकर कुछ कहने से बच रही है।
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल बालिका गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि जिस संस्थान में संवेदनशील परिस्थितियों में रह रही नाबालिग बच्चियों को रखा जाता है, वहां सुरक्षा इंतजाम इतने कमजोर कैसे हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि घटना से पहले परिसर में पर्याप्त निगरानी व्यवस्था मौजूद नहीं थी और अब आनन-फानन में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शुरू किया गया है।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि सुरक्षा व्यवस्था पहले से मजबूत होती, तो शायद ऐसी घटना को रोका जा सकता था। इस पूरे मामले ने बाल संरक्षण संस्थानों में सुरक्षा मानकों को लेकर भी बहस छेड़ दी है।
बुधवार को जिले की पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी गम्हरिया थाना पहुंचीं और मामले की समीक्षा की। हालांकि उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी और कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। वहीं गुरुवार को जांच के लिए पहुंचीं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर ने भी मीडिया के सवालों से बचने की कोशिश की, जिससे मामले को लेकर और सवाल उठने लगे।
गौरतलब है कि इस वात्सल्य बालिका गृह का उद्घाटन पिछले महीने 15 अप्रैल को उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह द्वारा किया गया था। उद्घाटन के कुछ ही सप्ताह बाद इस तरह की घटना सामने आने से प्रशासनिक निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल और गहरे हो गए हैं।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा में लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि आखिर दोनों बच्चियां कहां हैं, वे सुरक्षित हैं या नहीं, और इतनी संवेदनशील जगह से उनके गायब होने के पीछे आखिर क्या वजह रही। पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
