Jharkhand News : सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद जेल से रिहाई टली, न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार
Jharkhand News : झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की जेल से रिहाई फिलहाल टल गई है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद ऑर्डर कॉपी सिविल कोर्ट तक नहीं पहुंचने के कारण न्यायिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अधिवक्ता ने बताया कि यदि आज आदेश की प्रति मिल जाती है तो कल तक उनकी रिहाई संभव हो सकती है।
झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को आज जेल से बाहर आने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। लगभग दो वर्षों से जेल में बंद आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनके समर्थकों और परिवार को उम्मीद थी कि आज उनकी रिहाई हो जाएगी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक ऑर्डर कॉपी सिविल कोर्ट तक नहीं पहुंचने के कारण रिहाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
सूत्रों के अनुसार, न्यायिक प्रक्रिया में तकनीकी कारणों से देरी हो रही है। जब तक सुप्रीम कोर्ट का आदेश संबंधित निचली अदालत तक आधिकारिक रूप से नहीं पहुंचता, तब तक जेल प्रशासन किसी भी कैदी को रिहा नहीं कर सकता। यही कारण है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद आलमगीर आलम को आज जेल से बाहर नहीं लाया जा सका।
अधिवक्ता ने बताई देरी की वजह
आलमगीर आलम के अधिवक्ता किसने प्रसाद ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि सुप्रीम कोर्ट से जमानत की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन अभी तक उसकी आधिकारिक ऑर्डर कॉपी सिविल कोर्ट को कम्युनिकेट नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही रिहाई संभव होगी।
अधिवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आज शाम तक सुप्रीम कोर्ट की ऑर्डर कॉपी संबंधित अदालत को प्राप्त हो जाती है, तो कल तक आलमगीर आलम जेल से बाहर आ सकते हैं। फिलहाल उनके समर्थक और परिवार अदालत की अगली प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं।
लगभग दो वर्षों से जेल में बंद हैं आलमगीर आलम
पूर्व मंत्री आलमगीर आलम पिछले करीब दो वर्षों से जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ चल रहे मामले को लेकर राज्य की राजनीति में लगातार चर्चाएं होती रही हैं। जमानत मिलने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। कई समर्थकों ने उम्मीद जताई थी कि आज उनकी रिहाई हो जाएगी, लेकिन कानूनी प्रक्रिया में देरी के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आलमगीर आलम की रिहाई राज्य की राजनीति पर भी असर डाल सकती है। हालांकि फिलहाल सभी की निगाहें अदालत की अगली प्रक्रिया और ऑर्डर कॉपी मिलने पर टिकी हुई हैं।
जेल प्रशासन भी आदेश का कर रहा इंतजार
जेल प्रशासन की ओर से भी साफ कर दिया गया है कि बिना आधिकारिक दस्तावेज और अदालत के निर्देश के किसी भी कैदी को रिहा नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद प्रक्रिया पूरी होने में समय लग रहा है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार उच्च न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट से आदेश जारी होने के बाद उसकी प्रमाणित प्रति संबंधित अदालत तक पहुंचने में समय लग जाता है। जब तक निचली अदालत उस आदेश के आधार पर रिलीज ऑर्डर जारी नहीं करती, तब तक जेल प्रशासन कार्रवाई नहीं कर सकता।
समर्थकों में मायूसी, कल मिल सकती है राहत
आज रिहाई की उम्मीद लगाए बैठे समर्थकों को निराशा हाथ लगी। जेल के बाहर सुबह से ही कई समर्थक और शुभचिंतक मौजूद थे। सभी को उम्मीद थी कि आलमगीर आलम आज जेल से बाहर आएंगे, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।
अब उम्मीद जताई जा रही है कि यदि सभी कानूनी औपचारिकताएं आज पूरी हो जाती हैं, तो कल आलमगीर आलम की रिहाई संभव हो सकती है। उनके परिवार और समर्थकों की नजरें अब सुप्रीम कोर्ट की ऑर्डर कॉपी और सिविल कोर्ट की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
