Jharkhand News: रांची के कोकर खोरहाटोली से लापता हुई 18 महीने की बच्ची अदिति पांडेय मृत मिली, पुलिस जांच जारी
Jharkhand News: रांची के कोकर खोरहाटोली इलाके से 9 मई को लापता हुई 18 महीने की मासूम अदिति पांडेय का शव चार दिन बाद नाले से बरामद हुआ। पुलिस, एनडीआरएफ और प्रशासन लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। मामले में साइबर ठगी और फिरौती कॉल की भी जांच की जा रही है।
झारखंड की राजधानी रांची से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। कोकर के खोरहाटोली इलाके से चार दिन पहले लापता हुई 18 महीने की मासूम बच्ची अदिति पांडेय का शव आखिरकार नाले से बरामद कर लिया गया। इस घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं आसपास के लोगों में भी भारी आक्रोश और दुख का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, 9 मई को अदिति अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गई। शुरुआत में परिजनों को लगा कि बच्ची आसपास कहीं चली गई होगी या किसी रिश्तेदार के यहां पहुंच गई होगी। परिवार और स्थानीय लोगों ने काफी देर तक आसपास खोजबीन की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
लगातार चार दिनों तक चला सर्च ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलने के बाद रांची पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने इलाके के कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को भी सर्च ऑपरेशन में लगाया गया।
तेज बारिश और नाले के बहाव को देखते हुए आशंका जताई जा रही थी कि बच्ची पानी के तेज बहाव में नाले में गिर गई होगी। इसी आधार पर नाले की मैपिंग कर अलग-अलग हिस्सों में खोज अभियान चलाया गया। चार दिनों तक लगातार पुलिस, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम बच्ची की तलाश में जुटी रही।
आखिरकार मंगलवार को नाले से मासूम अदिति का शव बरामद किया गया। शव मिलने की खबर सामने आते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
फिरौती के नाम पर साइबर ठगी का आरोप
इस मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि बच्ची के गायब होने के बाद एक कॉल आया, जिसमें बच्ची को सुरक्षित वापस लौटाने के नाम पर पैसे मांगे गए। कॉल करने वाले ने स्कैनर भेजकर रुपये ट्रांसफर करने की बात कही थी।
परिवार के अनुसार, डर और घबराहट में पैसे भी भेजे गए, लेकिन बच्ची वापस नहीं लौटी। बाद में वह रकम वापस कर दी गई। इसके बाद परिवार ने इसे साइबर ठगी की कोशिश बताया। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं बच्ची की गुमशुदगी का फायदा उठाकर साइबर अपराधियों ने परिवार को निशाना तो नहीं बनाया।
प्रशासन ने घोषित किया था इनाम
मासूम अदिति की तलाश के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी थी। बच्ची की जानकारी देने वाले को 50 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा भी की गई थी। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय इलाकों तक बच्ची की तस्वीरें साझा की जा रही थीं ताकि जल्द से जल्द कोई सुराग मिल सके।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस और प्रशासन का सहयोग करते हुए खोज अभियान में हिस्सा लिया। लेकिन चार दिन की उम्मीद आखिरकार दुखद खबर में बदल गई।
नेताओं ने परिवार से की मुलाकात
इस दर्दनाक घटना के बाद कई जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष Baboolal Marandi और विधायक C. P. Singh ने परिवार को सांत्वना देते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
नेताओं ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग भी की है। वहीं स्थानीय लोगों ने भी इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और खुले नालों को सुरक्षित बनाने की मांग उठाई है।
पूरे इलाके में शोक और आक्रोश
अदिति की मौत के बाद खोरहाटोली इलाके में मातम पसरा हुआ है। लोग इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की कमी से जोड़कर देख रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि खुले नाले और बारिश के दौरान सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी इस तरह की घटनाओं को जन्म देती है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सके। पुलिस साइबर ठगी वाले कॉल की भी जांच कर रही है।
मासूम अदिति की मौत ने एक बार फिर समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितनी सतर्कता जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही कभी-कभी पूरे परिवार की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल देती है।
