Ranchi News : जनता दरबार में प्रशासन का मानवीय और सख्त दोनों रूप आया सामने
Ranchi News : रांची समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित समाधान का निर्देश दिया। दिव्यांग युवक शाहनवाज आलम को मौके पर इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई, जबकि जमीन म्यूटेशन में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
रांची: राजधानी रांची में आयोजित जनता दरबार एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की संवेदनशील कार्यशैली और सख्त प्रशासनिक रवैये ने आम लोगों का भरोसा मजबूत किया। जनता दरबार में पहुंचे लोगों की समस्याओं को न सिर्फ गंभीरता से सुना गया, बल्कि कई मामलों में तत्काल कार्रवाई भी देखने को मिली। प्रशासन की इस सक्रियता से लोगों में उम्मीद जगी कि उनकी समस्याओं का समाधान अब तेजी से होगा।
रांची समाहरणालय परिसर में आयोजित जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। कोई जमीन विवाद को लेकर परेशान था तो कोई मुआवजा भुगतान में हो रही देरी से। वहीं कुछ लोग सामाजिक योजनाओं और मानदेय भुगतान से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी फरियादियों की समस्याएं एक-एक कर सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

दिव्यांग युवक को मिली नई उम्मीद
जनता दरबार का सबसे भावुक क्षण उस समय देखने को मिला जब रांची निवासी दिव्यांग युवक शाहनवाज आलम हाथों के सहारे जनता दरबार पहुंचे। चलने-फिरने में असमर्थ शाहनवाज ने उपायुक्त के सामने अपनी समस्याएं रखीं। युवक की स्थिति देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दस्तावेजों की जांच करने का निर्देश दिया। दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी होते ही कुछ ही देर में शाहनवाज आलम को इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल उपलब्ध करा दी गई। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से युवक और उसके परिवार के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई।
शाहनवाज ने उपायुक्त का धन्यवाद करते हुए कहा कि अब उन्हें आने-जाने में काफी सहूलियत होगी और उनका जीवन पहले की तुलना में आसान हो जाएगा। जनता दरबार में मौजूद लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल की सराहना की।
जमीन म्यूटेशन मामले में अधिकारियों पर सख्ती
जनता दरबार में जमीन से जुड़े कई मामले भी सामने आए। इनमें अनगड़ा क्षेत्र का एक मामला विशेष रूप से चर्चा में रहा। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दस्तावेजों की अनदेखी कर गलत तरीके से जमीन का म्यूटेशन कर दिया गया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर तत्कालीन कर्मचारी के खिलाफ आरोप पत्र गठित करने का आदेश दिया गया। उपायुक्त ने साफ कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसी तरह सोनाहातू क्षेत्र में प्लॉट सुधार से जुड़े लंबित मामलों पर भी उपायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने अंचल अधिकारी को फटकार लगाते हुए एक माह के भीतर सभी लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जे की शिकायत
माण्डर अंचल से आए एक मामले में कब्रिस्तान की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
उपायुक्त ने इस मामले को भी गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
आंगनबाड़ी सेविकाओं ने उठाई मानदेय की समस्या
जनता दरबार में आंगनबाड़ी सेविकाओं का एक समूह भी पहुंचा। सेविकाओं ने अनियमित मानदेय भुगतान और पोषाहार राशि में गड़बड़ी की शिकायत उपायुक्त के सामने रखी। उनका कहना था कि लंबे समय से भुगतान में देरी हो रही है, जिससे आर्थिक परेशानी बढ़ रही है।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को तत्काल मामले की जांच करने और जल्द समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं से जुड़े कर्मियों की समस्याओं का समय पर समाधान होना जरूरी है।
लंबित मुआवजा भुगतान पर भी निर्देश
जनता दरबार में भूमि अधिग्रहण के बाद लंबित पड़े मुआवजा भुगतान के मामले भी उठाए गए। कई लोगों ने शिकायत की कि जमीन अधिग्रहण के बावजूद अब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला है।
इस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं रखा जा सकता।
प्रशासन और जनता के बीच नहीं होना चाहिए गैप
जनता दरबार के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि प्रशासन और जनता के बीच किसी भी प्रकार का गैप नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान प्रखंड और अंचल स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि लोगों को जिला मुख्यालय तक आने की जरूरत न पड़े।
उन्होंने अधिकारियों को जनता के प्रति संवेदनशील रहने और समस्याओं के त्वरित समाधान पर फोकस करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी सिर्फ आदेश देना नहीं, बल्कि लोगों को राहत पहुंचाना भी है।
जनता दरबार बना भरोसे का मंच
रांची में आयोजित यह जनता दरबार एक बार फिर यह साबित करता नजर आया कि अगर प्रशासन संवेदनशील और जवाबदेह हो तो लोगों की समस्याओं का समाधान तेजी से संभव है। एक ओर जहां दिव्यांग युवक को नई उम्मीद मिली, वहीं लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी भी दी गई।
जिला प्रशासन की इस पहल से लोगों में सकारात्मक संदेश गया है। जनता दरबार अब सिर्फ शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करने का माध्यम बनता दिखाई दे रहा है।
