रांची राज्य ब्यूरो राज्य के सबसे प्रतिष्ठित सरकारी विद्यालय लातेहार स्थित नेतरहाट आवासीय विद्यालय में अब छात्राओं का भी नामांकन होगा। छात्राओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी। साथ ही विद्यालय में कक्षा छह में नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा अब झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) आयोजित करेगा
राज्य सरकार ने इस आवासीय विद्यालय की पुरानी गरिमा को फिर से बहाल करने के लिए दो नई नियमावलियां गठित की हैं, जिनमें ये प्रविधान किए गए हैं। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद दोनों नियमावलियां अधिसूचित कर दी गईं
माध्यमिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता वाली कमेटी को जैक द्वारा आयोजित की जानेवाली प्रवेश परीक्षा के प्रारूप और सिलेबस बनाने की जिम्मेदारी दी गई है
विद्यालय प्रबंधन ने शैक्षणिक सत्र 2025–26 में नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की है, जिसका परिणाम जारी किया गया है। ऐसे में, जैक 2026-27 सत्र में प्रवेश परीक्षा नई नियमावली के अनुसार कर सकता है
नई व्यवस्था के अनुसार, प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा दोनों होंगी, और दोनों में उत्तीर्णता के आधार पर आरक्षण कोटिवार चयन सूची बनाई जाएगी। बालिकाओं के लिए कोटिवार 33 प्रतिशत स्थान क्षैतिज रूप से आरक्षित होगा
मुख्य परीक्षा और प्रारंभिक परीक्षा में सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ होंगे। इसके लिए आरक्षण कोटिवार माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता वाली कमेटी न्यूनतम उत्तीर्णांक, परीक्षा का पाठ्यक्रम और विषयों का चयन करेगी
नई नियमावली में कहा गया है कि अगले तीन वर्षों में सीटों की संख्या दोगुनी होगी और अगले पांच वर्षों में तिगुनी होगी। इस तरह, 47 साल बाद स्कूल की सीटें बढ़ेंगी। 1982 में पहली बार विद्यालय में कक्षा छह के लिए सौ सीटें दी गईं
राज्य सरकार ने दो नई नियमावलियां नेतरहाट आवासीय विद्यालय के प्रबंधन एवं संचालन नियामवली, 2026 तथा नेतरहाट आवासीय विद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति एवं सेवाशर्त नियमावली, 2026 गठित की है
इसके साथ ही पूर्व में इनकी जगह लागू नियमावलियां क्रमश: नेतरहाट विद्यालय समिति नियमावली, 2010 तथा शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति एवं सेवाशर्त नियमावली, 2011 को निरस्त कर दिया है
अब विद्यालय चार कमेटियों से संचालित होगा। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एपेक्स बाडी, शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में सामान्य निकाय, विद्यालय के एक पूर्व छात्र की अध्यक्षता में कार्यकारिणी समिति तथा प्राचार्य की अध्यक्षता में विद्यालय प्रबंध समिति का गठन किया जाएगा
सभी के कार्य एवं दायित्व तय कर दिए गए हैं। वर्तमान में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग मुख्यमंत्री के अधीन ही है, इसलिए एपेक्स बाडी तथा सामान्य निकाय दोनों के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे
कार्यकारिणी समिति के सभापति व सदस्यों का मनोनयन सामान्य निकाय द्वारा किया जाएगा। सभापति पद के लिए इसके लिए विद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र होने के साथ-साथ न्यूनतम 10 वर्षों का प्रशासनिक/शैक्षणिक अनुभव अनिवार्य होगा
मनोनयन के लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर ऑनलाइन आवेदन मंगाए जाएंगे। आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद आपत्ति एवं पक्ष की भी मांग की जाएगी, जिसके बाद चयन के संबंध में निर्णय लिया जाएगा
