रांची: संगठनात्मक मजबूती को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन दो दिवसीय झारखंड दौरे आने वाले हैं. गिरिडीह उपचुनाव से पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का झारखंड दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि पार्टी नेताओं का मानना है कि अभी उनके कार्यक्रम को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीप वर्मा के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यक्रम झारखंड में तय होने की सूचना है. इस दौरान निजी कार्यक्रमों के साथ-साथ पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी और कार्य समिति की बैठक में उनके भाग लेने की संभावना है. उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में प्रदेश अध्यक्ष विस्तृत रूप से जानकारी दे सकेंगे, लेकिन इतना जरूर सूचना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का 24 और 25 अक्टूबर को रांची आगमन होने की संभावना है।
हालांकि भाजपा प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 23 अक्टूबर को रांची पहुंचेंगे. इसके बाद 24 अक्टूबर को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के पहले दिन आयोजित उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे. उनके संबोधन से प्रदेश के पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं की भूमिका तथा पार्टी के कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने जैसे विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
इस दौरान वे प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन की स्थिति और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करेंगे. बैठक के माध्यम से संगठन के कार्यों की समीक्षा होगी. साथ ही आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों का पूरा खाका तैयार किया जाएगा।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन के रांची आगमन को लेकर तैयारी शुरू हो गई है. भाजपा अध्यक्ष के दौरे से पहले राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह का रांची आगमन होगा. शुक्रवार को सौदान सिंह रांची आने वाले हैं. इस दौरान वे प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
25 अक्टूबर को होने वाली बैठक में संगठन की मजबूती, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता और केंद्र सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने जैसे मुद्दों पर मंथन होगा. साथ ही, मिशन 2029 के तहत पार्टी की भावी कार्ययोजना और आने वाले दिनों में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की जाएगी. इस दौरान पार्टी के नेता गिरिडीह उपचुनाव को भी लेकर भी रणनीति बनाएंगे. इस सीट पर जीत हासिल करने के लिए संभावित प्रत्याशी और चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श होने की संभावना है।