चतरा: जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र से एक बहुत गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें 12 साल की एक लड़की के गर्भवती होने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने दो नाबालिगों को आरोपी बनाते हुए FIR दर्ज की है। एक आरोपी को गर्भपात की दवा देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी अभी भी फरार है; पुलिस उसे पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
गर्भावस्था से खुला राज़
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्लीडिंग और पेट दर्द की शिकायत के बाद लड़की को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. मनीष लाल ने गर्भावस्था की पुष्टि की और बताया कि लड़की का इलाज मेडिकल देखरेख में चल रहा है। पुलिस को भी इस मामले की औपचारिक जानकारी दे दी गई है।
घटना की जानकारी मिलने पर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) और पुलिस प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया। SP अनिमेष नैथानी और SDPO सनी वर्धन के निर्देश पर, CWC, सदर थाना और महिला थाना के सदस्यों की एक टीम ने सदर अस्पताल का दौरा किया। टीम ने लड़की और उसके परिवार के सदस्यों से घटना के बारे में जानकारी जुटाई। CWC ने लड़की और उसके माता-पिता की काउंसलिंग भी की।
गर्भपात की दवा दी गई
शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि पूछताछ के दौरान लड़की ने अपने ही गांव के एक युवक का नाम लिया। आरोप है कि युवक ने उसे झांसे में लेकर उसका यौन शोषण किया। बाद में, गर्भावस्था का पता चलने पर उसे गर्भपात के लिए दवा दी गई। इसके बाद लड़की की हालत बिगड़ गई और उसे ब्लीडिंग होने लगी। परिवार वाले उसे सदर अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा है।
CWC चेयरपर्सन का बयान
CWC चेयरपर्सन नर्मदेश्वर सिंह ने बताया कि लड़की और उसके माता-पिता के साथ काउंसलिंग के बाद, परिवार FIR दर्ज कराने के लिए सहमत हो गया। सदर थाने में 'ज़ीरो FIR' दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई; आगे की जांच के लिए मामले को लावालौंग थाने में ट्रांसफर किया जाएगा।
पुलिस ने FIR दर्ज होने और एक आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इस मामले में दो नाबालिगों को आरोपी बनाया गया है, जबकि मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों और पीड़िता के बयान के आधार पर POCSO एक्ट समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।