Jharkhand: NH-20 (बरही से राजौली) के प्रस्तावित नए फोरलेन रूट से कोडरमा और राजौली के बीच की दूरी लगभग 11 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इससे कोडरमा घाटी क्षेत्र में आए दिन होने वाले सड़क हादसों से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सबसे अहम बात यह है कि इस नए रूट से वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र भी सुरक्षित रहेगा, जो पहले एक बड़ी बाधा बना हुआ था। सोमवार को कोडरमा के उपायुक्त ऋतुराज, डीएफओ सौमित्र शुक्ला, डीएलओ ओमप्रकाश मंडल और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों ने प्रस्तावित नए मार्ग का संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण किया और इसकी व्यवहारिकता का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान सतपुलिया और पार्वती क्लिनिक के बीच नए रूट को डायवर्ट करने के स्थान का सर्वे किया गया और उसका विस्तृत नक्शा तैयार किया गया। इस नक्शे में विशेष रूप से इस बात का ध्यान रखा गया है कि आवासीय मकानों और स्थायी संरचनाओं को न्यूनतम नुकसान पहुंचे। उपायुक्त ने स्वयं पूरे प्रस्तावित मार्ग का भौतिक निरीक्षण किया और NHAI अधिकारियों से तकनीकी जानकारियां लीं। प्रस्तावित नक्शे के अनुसार, नया मार्ग गुमो सतपुलिया के पास से होकर बिष्णुपुर आश्रम क्षेत्र के निकट से गुजरेगा। आश्रम की बाउंड्री के पास करीब 11 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी, हालांकि आश्रम तक आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अंडरपास बनाने का भी प्रस्ताव है।
आश्रम क्षेत्र के बाद लगभग 11 किलोमीटर लंबी सड़क वन क्षेत्र से होकर गुजरेगी। इसके बाद यह फोरलेन सड़क गजंडी के चनाको गांव के पास रेलवे लाइन को पार करेगी। इस पूरे नए रूट को आबादी वाले इलाकों से दूर रखा गया है ताकि भूमि अधिग्रहण और विस्थापन की समस्या कम से कम हो। प्रशासन का मानना है कि यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो जल्द ही इस सड़क निर्माण को मंजूरी मिल सकती है। उपायुक्त ऋतुराज ने बताया कि कोडरमा घाटी रूट में वन्यजीव अभयारण्य होने के कारण कई अड़चनें आ रही थीं, जबकि नया रूट इन बाधाओं से मुक्त है। इसके अलावा बिहार क्षेत्र में तीन टनल निर्माण का भी प्रस्ताव है, जिससे सफर और अधिक सुरक्षित व सुगम होगा।
यातायात को सुचारू बनाने के लिए सतपुलिया और पार्वती क्लिनिक के पास लगभग 200 मीटर के दायरे में एक राउंडअबाउट बनाने की तैयारी है, जिससे तिलैया की ओर से आने-जाने वाले वाहन आसानी से फोरलेन सड़क से जुड़ सकें। इस परियोजना के तहत दो रोड ओवर ब्रिज (ROB) भी प्रस्तावित हैं, जो सतपुलिया से गजंडी की ओर 11.7 और 12.3 किलोमीटर पर बनाए जाएंगे। भूमि अधिग्रहण की बात करें तो गुमो मौजा में लगभग 100 मीटर, नवादा में 1.1 किलोमीटर, बिष्णुपुर में 1.2 किलोमीटर, रतनसोत में 1.1 किलोमीटर, कउवावर में 600 मीटर और चनाको में 300 मीटर भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है। अनुमान है कि गुमो में 20–25, नवादा में 4–5, बिष्णुपुर में 5–6, रतनसोत में 3–4, कउवावर में 5–6 और चनाको में 5–6 मकानों का अधिग्रहण हो सकता है। कुल मिलाकर झारखंड में इस नए सड़क खंड की लंबाई 15.5 किलोमीटर होगी, जिसमें 5.2 किलोमीटर निजी व सरकारी भूमि और 10.3 किलोमीटर वन क्षेत्र शामिल है, जबकि बिहार में इसकी लंबाई 11.3 किलोमीटर प्रस्तावित है।

