Jharkhand News: झारखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर उपराजधानी दुमका में सत्तारूढ़ दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अपने विरोधी दल खासकर भाजपा को एक बार फिर स्पष्ट संदेश दिया कि संताल परगना क्षेत्र झामुमो का अभेद्य गढ़ है। दुमका को झामुमो की पहचान और शक्ति का केंद्र माना जाता है क्योंकि यह पार्टी सुप्रीमो स्व. शिबू सोरेन की कर्मभूमि है। राज्य के मुख्यमंत्री और झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने इस अवसर पर भावुक कर देने वाले संबोधन के माध्यम से झारखंड के आदिवासी और मूलवासियों के हक की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
हेमंत सोरेन ने शिबू सोरेन की विरासत को किया याद
रजत जयंती समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिबू सोरेन के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि गुरुजी ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस विरासत को आगे बढ़ाएं और आदिवासी-मूलवासी, दलित, अल्पसंख्यक और पिछड़ों के अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखें। हेमंत ने साफ किया कि विरोधी दल आदिवासी समाज के समग्र विकास को रोकने की कोशिश कर रहे हैं और इसीलिए उन्होंने कई जनहित योजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

दुमका में झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का उद्घाटन
हेमंत सोरेन ने 2008 में शिबू सोरेन द्वारा रखी गई फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की आधारशिला का जिक्र करते हुए बताया कि विरोधी दलों ने इस योजना को रोक दिया था। अब 17 साल बाद दुमका में झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का उद्घाटन हो रहा है, जो न केवल दुमका बल्कि पूरे झारखंड को वैश्विक पहचान देगा। इस महत्वपूर्ण परियोजना से युवाओं को रोजगार और उड़ान के नए अवसर मिलेंगे।
संताल परगना का विकास प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुमका को उपराजधानी का दर्जा प्राप्त है और सरकार का पूरा ध्यान संताल परगना के विकास पर केंद्रित है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस क्षेत्र से विकास की लंबी लकीर खिंचने से राज्य और देश में इसका उदाहरण पेश होगा। हेमंत ने यह भी कहा कि जनता का समर्थन उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देता है और झामुमो की सरकार जनहित में लगातार काम कर रही है।
विधायक बसंत सोरेन ने जताई सरकार की मंशा
इस अवसर पर दुमका के झामुमो विधायक बसंत सोरेन ने कहा कि विरोधी दल झामुमो के विकास के कदमों को रोकने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन हेमंत सरकार की मंशा पूरी तरह से स्पष्ट है। वे आदिवासी-मूलवासी समाज के सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि दुमका का विकास उसकी उपराजधानी की हैसियत के अनुरूप किया जा रहा है ताकि यह क्षेत्र हमेशा से विशिष्ट और समृद्ध बना रहे।

