Jharkhand News: झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वे सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे जल्द से जल्द लगाएं। इस निर्देश के पीछे मुख्य कारण सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक की मौजूदगी में यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे लगाने की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और निविदा प्रक्रिया 31 दिसंबर तक पूरी होनी चाहिए। साथ ही, अधिकारियों को 5 जनवरी तक अनुपालन रिपोर्ट उच्च न्यायालय में जमा करनी होगी।
चेक बाउंस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
यह निर्देश पश्चिम बंगाल के शौभिक बनर्जी द्वारा दायर याचिका के बाद आया है। बनर्जी ने धनबाद के बैंक मोड़ पुलिस थाने में चेक बाउंस मामले में पेश होकर पुलिस की कथित गैरजिम्मेदाराना कार्रवाई का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके प्रतिद्वंद्वियों के कहने पर पुलिस ने उन्हें जबरन दो दिनों तक थाने में रखा था। इस मामले ने पुलिस थानों में निगरानी के लिए सीसीटीवी की अहमियत को सामने रखा।

थानों में सीसीटीवी कैमरों का डेटा स्वतः डिलीट होना चिंता का विषय
कोर्ट ने पुलिस थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की जांच के लिए फुटेज मांगी थी। लेकिन पुलिस ने बताया कि डेटा दो दिनों में अपने आप डिलीट हो जाता है। इस बात ने अदालत की चिंता बढ़ा दी। ऐसे में कोर्ट ने सरकार से आदेश दिया है कि सभी थानों में कैमरों की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था पर पूरी रिपोर्ट दें। यह कदम पुलिस कर्मियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में नियमित अधीक्षक की नियुक्ति का आदेश
झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार, होटवार के प्रबंधन के लिए तत्काल एक नियमित अधीक्षक नियुक्त करने का भी निर्देश दिया है। यह आदेश जेल परिसर में दो विचाराधीन कैदियों के नृत्य का वीडियो वायरल होने के बाद आया। कोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट्स पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले में सुनवाई की। यह कदम जेल के प्रशासनिक अनुशासन को सुधारने के लिए जरूरी बताया गया है।
सुरक्षा और अनुशासन के प्रति कोर्ट की सख्ती
झारखंड हाई कोर्ट का यह फैसला राज्य में पुलिस और जेल प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि थानों और जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना सरकार की जिम्मेदारी है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सीसीटीवी निगरानी और प्रभावी प्रशासन अनिवार्य होगा। कोर्ट ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि सुरक्षा संबंधित सभी मानकों का पालन हो।

