Jharkhand News: झारखंड स्थापना की रजत जयंती समारोह के अवसर पर दुमका एयरपोर्ट परिसर में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कई महत्वपूर्ण पथों का उद्घाटन किया। इन नवनिर्मित सड़कों का खास मकसद क्षेत्र की धार्मिक पर्यटन और ग्रामीण विकास को गति देना है। जामा प्रखंड के शिव मंदिर सिरसानाथ, जरमुंडी प्रखंड के सुखजोरा नागनाथ मंदिर तथा सरैयाहाट के ऐतिहासिक शुंभेश्वरनाथ मंदिर को जोड़ने वाले ये पथ श्रद्धालुओं के लिए आसान और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करेंगे। साथ ही, दुमका शहर के प्रमुख मेलों में ट्रैफिक जाम की समस्या को भी इन पथों के माध्यम से स्थायी रूप से खत्म किया जाएगा।
धार्मिक स्थलों को जोड़ेगी बेहतर कनेक्टिविटी
उद्घाटन किए गए पथ बासुकीनाथ के आसपास स्थित तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाएंगे। अब श्रद्धालु बासुकीनाथ में पूजा-अर्चना के बाद सिरसानाथ, नागनाथ और शुंभेश्वरनाथ मंदिरों में भी आसानी से पहुंच सकेंगे। जामा-बारापलासी पुल समेत अन्य पथों के निर्माण से जामा प्रखंड के आस-पास के ग्रामीण इलाकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।
हिजला मेला के दौरान जाम समस्या का समाधान
दुमका के ऐतिहासिक राजकीय जनजातीय हिजला मेले के दौरान लगने वाली ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करने के लिए इंटरमीडिएट लेन पथ का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री ने किया। इस पथ की मदद से पुराना दुमका, हिजला मेला क्षेत्र, मोरटंगा और आसपास के इलाकों के यातायात में सुधार होगा। इससे मेला आयोजन के समय आवागमन सुगम होगा और स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलेगी। यह पथ लगभग 6.75 किलोमीटर लंबा है और इसकी लागत करीब 14.7 करोड़ रुपये है।
ग्रामीण विकास के लिए तीन नए पथों का शिलान्यास
समारोह में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और आर्थिक संपन्नता के लिए तीन नए पथों का भी शिलान्यास किया। इनमें रानीश्वर प्रखंड के टोंगरा से महेशबथान तक 21.6 किलोमीटर लंबा पथ, बरमसिया से शहरघाटी तक 8.1 किलोमीटर और करमाटांड से भोगतानडीह तक 7.7 किलोमीटर लंबा पथ शामिल है। ये सड़क परियोजनाएं ग्रामीण क्षेत्र की कनेक्टिविटी बढ़ाकर रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर प्रदान करेंगी।
ट्रैफिक जाम से राहत और विकास की नई राह
एनएच-114 ए पर बना डेंगीडीह-बनवारा-डोमनडीह पथ, जो बासुकीनाथ के पश्चिमी क्षेत्र में बाइपास के रूप में कार्य करेगा, श्रद्धालुओं को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाएगा। यह पथ दुमका-देवघर मुख्य मार्ग को दुमका-भागलपुर मुख्य मार्ग से जोड़ता है। इसी प्रकार सरैयाहाट से शुंभेश्वरनाथ मंदिर तक पुनर्निर्मित सड़क भी आसपास के गांवों के लिए बहुत लाभकारी साबित होगी। इन पथों के निर्माण से दुमका और संताल परगना क्षेत्र में पर्यटन और ग्रामीण विकास की नई लहर आएगी, जिससे आर्थिक समृद्धि को मजबूती मिलेगी।

