Jharkhand News: झारखंड की राजधानी रांची के सदर अस्पताल में इलाज के दौरान उमेश साहू नामक मरीज की मौत ने अस्पताल परिसर में हंगामा मचा दिया। मरीज के परिजन अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। यह घटना अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और इलाज की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अस्पताल के वार्ड में उत्पन्न तनाव को काबू करने के लिए पुलिस को भी बुलाना पड़ा।
इलाज में लापरवाही के आरोप और परिजनों का रोष
मृतक उमेश साहू रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के निवासी थे, जिन्हें बुधवार शाम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर अभिषेक रंजन उनकी देखरेख में इलाज कर रहे थे। डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताते हुए ब्लड कैंसर की आशंका जताई थी। परिजनों का आरोप है कि सुबह तक मरीज की स्थिति ठीक थी, लेकिन तीन इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उनकी मौत हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि रात के समय थर्मामीटर तक उपलब्ध नहीं था और डॉक्टर भी मरीज को देखने नहीं आए।

जांच रिपोर्ट आने के बाद इलाज होना था जरूरी
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मरीज की मौत से पहले जरूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे का इलाज तय किया जाना था, लेकिन इलाज में देरी और सूचना में कमी के कारण मौत हो गई। परिजनों को इस गंभीर स्थिति की जानकारी मौत के बाद दी गई, जिससे उनका आक्रोश और बढ़ गया। इस पूरे मामले ने अस्पताल के कर्मचारियों और प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।
अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच प्रक्रिया
सदर अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. बिमलेश सिंह ने कहा कि मरीज की स्थिति शुरुआत से ही नाजुक थी। मायेलॉयड ल्यूकीमिया जैसी गंभीर बीमारी के कारण स्थिति अचानक बिगड़ सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की पूरी जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सही स्थिति का पता चलेगा। प्रशासन ने पोस्टमॉर्टम कराने और मेडिकल रिपोर्ट की समीक्षा करने का निर्णय लिया है।
अस्पताल परिसर में तनाव और पुलिस की व्यवस्था
मरीज की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा अस्पताल परिसर में फैल गया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। विवाद को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा। अस्पताल प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह घटना चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की जरूरत और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की आवश्यकता को दर्शाती है।
