Jharkhand: गुरुवार को ऑल झारखंड प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन की एक प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि बोर्ड परीक्षा के लिए आठवीं कक्षा के बहुत सारे छात्र-छात्राओं ने फॉर्म नहीं भर पाए हैं। संघ ने यह भी मांग की कि झारखंड अकादमिक परिषद (JAC) की परीक्षा पोर्टल को दो दिन के लिए पुनः खोल दिया जाए, ताकि जो विद्यार्थी अभी तक फॉर्म भर नहीं पाए हैं, वे अपना आवेदन कर सकें। संघ का कहना था कि परीक्षा फॉर्म भरने के लिए जो अवधि निर्धारित की गई थी, उसमें काफी कम कार्य दिवस थे, जिसके कारण बहुत से छात्र फॉर्म भरने से वंचित रह गए।
शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह ने प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन को आश्वासन दिया कि वे इस मामले को झारखंड अकादमिक परिषद के अध्यक्ष से बात कर हल निकालेंगे। उन्होंने संघ द्वारा प्रस्तुत किए गए तथ्यों को गंभीरता से लिया। संघ ने सचिव को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से भी अवगत कराया, जिसमें यह निर्देश दिया गया है कि शिक्षा अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षक को टीचर एलीजिबिलिटी टेस्ट (TET) उत्तीर्ण करना आवश्यक होगा। साथ ही, संघ ने राज्य सरकार से इस संबंध में केंद्र सरकार को अपनी राय भेजने की मांग भी की, क्योंकि केंद्र सरकार ने इस विषय पर जानकारी मांगी है कि किन-किन शिक्षकों पर यह टीईटी अनिवार्यता लागू होगी।
प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा सचिव से यह भी आग्रह किया कि नए नियुक्त सहायक शिक्षकों के प्रमाण पत्र सत्यापन में जो विलंब हो रहा है, उसके कारण उनके वेतन भुगतान में भी देरी हो रही है। इस संदर्भ में संघ ने एक प्रभावी उपाय सुझाया कि सहायक शिक्षकों को उनके हलफनामे के आधार पर तुरंत वेतन भुगतान की व्यवस्था की जाए। इस पर शिक्षा सचिव ने निर्देश दिए कि प्राथमिक शिक्षा निदेशक को इस मामले में उचित कार्रवाई करने का आदेश दिया जाए ताकि सहायक शिक्षकों को समय पर वेतन मिल सके और उनकी आर्थिक परेशानियों का समाधान हो सके।
इस बैठक में ऑल झारखंड प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अनूप कुमार केसरी, महासचिव राममूर्ति ठाकुर, रांची जिला अध्यक्ष सलीम सहय टिग्गा और जितेंद्र कुमार मौजूद थे। उन्होंने शिक्षा सचिव को पूरी जानकारी दी और आशा व्यक्त की कि जल्द ही इस मामले में सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। शिक्षक संघ ने यह भी कहा कि वे शिक्षा विभाग के साथ मिलकर विद्यार्थियों के हित में काम करना जारी रखेंगे और किसी भी अन्य समस्या के समाधान के लिए संवाद जारी रखेंगे। इसके साथ ही वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सभी छात्रों को बोर्ड परीक्षा में भाग लेने का उचित अवसर मिले।

