Jharkhand भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिटायर्ड जमादार लालेश्वर सिंह को आय से अधिक संपत्ति के आरोप में गिरफ्तार किया है। लालेश्वर सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री रीता वर्मा के बॉडीगार्ड रह चुके हैं। एसीबी ने उनके खिलाफ लंबी जांच के बाद पर्याप्त सबूत मिलने के आधार पर गिरफ्तारी की। गिरफ्तारी के दौरान उनके बीपी में वृद्धि हुई, जिस कारण एहतियातन उन्हें एसएनएमसीएच धनबाद में भर्ती कराया गया।
एसीबी की कार्रवाई और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
धनबाद एसीबी की टीम ने सोमवार देर रात लालेश्वर सिंह के हीरापुर स्थित आवास को घेरकर कार्रवाई की। एसीबी ने 4 जनवरी 2023 को धनबाद थाना कांड संख्या 01/23 में मामला दर्ज किया था। जांच में पाया गया कि उन्होंने आय के ज्ञात स्रोतों के मुकाबले अधिक संपत्ति अर्जित की है। सक्षम प्राधिकारी के आदेश पर उनके खिलाफ विधिवत गिरफ्तारी की गई। गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी तरह से कानूनी ढांचे में की गई और अभियुक्त को आवश्यक स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल भेजा गया।
अभियुक्त की पृष्ठभूमि और जांच का दायरा
लालेश्वर सिंह सरायढेला थाना क्षेत्र के पुराने कोल बोर्ड कालोनी, हीरापुर के निवासी हैं। वे पूर्व केंद्रीय मंत्री रीता वर्मा के सुरक्षा में तैनात रह चुके हैं। एसीबी ने बताया कि मामले में सिर्फ आय से अधिक संपत्ति नहीं बल्कि उनके संपत्ति से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जल्द ही और गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की संभावना है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच
गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। एसीबी अधिकारी संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, बैंक ट्रांजैक्शन्स और अन्य वित्तीय स्रोतों की गहन जांच कर रहे हैं। जांच के आधार पर आरोप तय होंगे और आवश्यकतानुसार अभियुक्त के खिलाफ अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी कानूनी कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी।
