Jharkhand News : मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने के लिए 30 जून से 29 जुलाई तक चलेगा विशेष सत्यापन अभियान, गलत जानकारी देने वालों पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई
Jharkhand News : झारखंड में 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक विशेष मतदाता सूची सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान BLO घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी, फोटो और हस्ताक्षरित प्रपत्र एकत्र करेंगे। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल पात्र भारतीय नागरिक ही मतदाता सूची में शामिल हो सकेंगे।
रांची। झारखंड में मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से 30 जून से विशेष गणना एवं सत्यापन अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान 29 जुलाई तक चलेगा, जिसके तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करेंगे। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर से इस अभियान को आगामी चुनावों की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निर्वाचन विभाग के अनुसार इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर करना, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना तथा पात्र नागरिकों का नाम सूची में शामिल करना है। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राज्य की मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन और वास्तविक स्थिति के अनुरूप हो।
घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे BLO
अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारी प्रत्येक घर तक पहुंचेंगे और वहां रहने वाले मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करेंगे। BLO मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे, जिसमें पहले से उपलब्ध जानकारी दर्ज होगी। मतदाताओं को इस जानकारी की जांच कर आवश्यक संशोधन करने का अवसर मिलेगा।
यदि किसी मतदाता के नाम, पते, उम्र या अन्य विवरण में कोई त्रुटि है तो उसे इसी प्रक्रिया के दौरान सुधारा जा सकेगा। इससे भविष्य में मतदान के दौरान होने वाली समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी।
वर्तमान रंगीन फोटो और हस्ताक्षरित प्रपत्र होंगे आवश्यक
निर्वाचन विभाग ने बताया है कि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं से उनकी नवीनतम रंगीन फोटो और हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र भी लिए जाएंगे। इसका उद्देश्य मतदाता पहचान संबंधी जानकारी को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है।
अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में मतदाता सूची में पुराने फोटो या अपूर्ण विवरण दर्ज रहते हैं, जिससे पहचान संबंधी दिक्कतें उत्पन्न होती हैं। नई प्रक्रिया के माध्यम से इन कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
एक से अधिक स्थानों पर नाम होने पर करनी होगी कार्रवाई
चुनाव आयोग ने विशेष रूप से उन मतदाताओं को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं जिनका नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में दर्ज है। ऐसे मतदाताओं को अपने स्थायी निवास वाले क्षेत्र में ही प्रपत्र जमा करना होगा।
इसके साथ ही उन्हें अन्य स्थानों की मतदाता सूची से अपना नाम हटाने की प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी। निर्वाचन आयोग का मानना है कि एक व्यक्ति का एक से अधिक स्थानों पर मतदाता के रूप में पंजीकृत होना निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए चुनौती बन सकता है। इसलिए इस अभियान के माध्यम से ऐसे मामलों की पहचान कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
पात्र भारतीय नागरिकों के लिए ही है प्रक्रिया
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने या सत्यापन प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार केवल पात्र भारतीय नागरिकों को ही है। भारतीय नागरिकता और निर्धारित आयु सीमा पूरी करने वाले व्यक्ति ही मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
निर्वाचन विभाग ने कहा है कि सभी नागरिकों को सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए ताकि राज्य की मतदाता सूची अधिक सटीक और विश्वसनीय बन सके। लोकतंत्र को मजबूत बनाने में मतदाता सूची की शुद्धता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
गलत जानकारी देना पड़ सकता है भारी
निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं को चेतावनी भी दी है कि गलत जानकारी देकर प्रपत्र जमा करना कानूनन अपराध माना जाएगा। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर झूठी जानकारी देता है, फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करता है या नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
अधिकारियों ने कहा कि मतदाता सूची का सत्यापन एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसलिए नागरिकों को पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ सही जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए।
मतदाताओं से सहयोग की अपील
राज्य निर्वाचन विभाग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि जब BLO उनके घर पहुंचें तो वे आवश्यक दस्तावेज, फोटो और सही जानकारी उपलब्ध कराएं। इससे सत्यापन प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सकेगी और मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में मदद मिलेगी।
विशेष अभियान के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इसके बाद अद्यतन मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जो भविष्य में होने वाले चुनावों के लिए आधार बनेगी।
लोकतांत्रिक व्यवस्था को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर मतदाता सूची का सत्यापन लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है। इससे फर्जी मतदान, दोहरे पंजीकरण और अन्य अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलती है। साथ ही पात्र नागरिकों को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जा सकता है।
झारखंड में 30 जून से शुरू होने वाला यह विशेष सत्यापन अभियान राज्य की चुनावी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि नागरिक सक्रिय रूप से इसमें भाग लेते हैं तो आने वाले चुनावों में अधिक सटीक और निष्पक्ष मतदाता सूची उपलब्ध हो सकेगी।
