Ranchi Crime News : भरोसे की चाबी बनी वारदात की वजह, रांची पुलिस ने 60 लाख की चोरी का किया खुलासा; 4 आरोपी और एक ज्वेलरी कारोबारी गिरफ्तार
Ranchi Crime News : रांची में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां महिला ने अपने मौसेरे देवर को घर की चाबी सौंपी और उसी ने दोस्तों के साथ मिलकर करीब 60 लाख रुपये की चोरी कर डाली। पुलिस ने चोरी के पैसों से खरीदी गई XUV कार, नकदी और कीमती जेवरात बरामद किए हैं।
Ranchi Crime News: भरोसे की चाबी से खुला चोरी का रास्ता
झारखंड की राजधानी रांची से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों में भरोसे और विश्वास को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। यहां एक महिला ने जिस मौसेरे देवर पर भरोसा कर अपने फ्लैट की जिम्मेदारी सौंपी, उसी ने कथित तौर पर अपने साथियों के साथ मिलकर लाखों रुपये की चोरी को अंजाम दे दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चोरी के बाद चोरी के गहने बेचकर लग्जरी जिंदगी जीना शुरू कर दिया और एक XUV कार तक खरीद ली।
मामला रांची के लालपुर थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़िता वीणा विभा कुमारी ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि वह 22 मई 2026 को जरूरी काम से पटना गई थीं। जाने से पहले उन्होंने अपने फ्लैट की चाबी अपने मौसेरे देवर हर्ष कुमार सिंह उर्फ आयुष को सौंप दी थी। 31 मई को वापस लौटने पर उन्होंने देखा कि घर की अलमारी से सोने, हीरे और प्लैटिनम के जेवरात के साथ नकदी भी गायब थी।
घर लौटते ही उड़ गए होश
पीड़िता के मुताबिक, फ्लैट के अंदर रखे लाखों रुपये के आभूषण और करीब 40 हजार रुपये नकद चोरी हो चुके थे। घटना की जानकारी मिलते ही लालपुर थाना पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू कर दी गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सिटी डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम बनाई गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों ने घर में लगे सीसीटीवी सिस्टम के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की थी ताकि कोई सबूत न बच सके।
पुलिस जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस का शक पीड़िता के मौसेरे देवर हर्ष कुमार सिंह उर्फ आयुष पर गया। हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो आरोपी ने कथित तौर पर अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई थी।
पुलिस के अनुसार, चोरी के बाद जेवरात एक ज्वेलरी कारोबारी को बेचे गए। उससे मिले पैसों का इस्तेमाल आरोपियों ने ऐशो-आराम, घूमने-फिरने और लग्जरी लाइफस्टाइल पर किया। इतना ही नहीं, चोरी के पैसों से एक सेकेंड हैंड XUV कार भी खरीदी गई।
चोरी के पैसों से खरीदी XUV कार, नकदी और जेवर बरामद
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी के पैसों से खरीदी गई XUV कार बरामद की। इसके अलावा 5.40 लाख रुपये नकद, एक एप्पल मोबाइल फोन और बड़ी मात्रा में कीमती आभूषण भी जब्त किए गए।
बरामद सामान में हीरे की अंगूठियां, हीरा जड़ित मंगलसूत्र, प्लैटिनम की अंगूठी, प्लैटिनम टॉप, ईयररिंग और अन्य कीमती गहने शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि अभी भी मामले की जांच जारी है और चोरी के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
पांच लोगों की गिरफ्तारी, जांच जारी
इस मामले में पुलिस ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें हर्ष कुमार सिंह उर्फ आयुष, सिद्धांत सुमन, धनंजय कुमार वर्मा उर्फ धनंजय सोनी और लाईबा याशमीन उर्फ निधि शामिल हैं। इसके अलावा चोरी के गहने खरीदने वाले एक ज्वेलरी कारोबारी को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, करीब 60 लाख रुपये की इस बड़ी चोरी का खुलासा कर लिया गया है, लेकिन मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच अभी जारी है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि कई बार अपराधी घर के भीतर या करीबी रिश्तों में ही छिपे होते हैं, जिससे भरोसे का टूटना सबसे बड़ी चोट बन जाता है।
रांची की यह घटना सिर्फ चोरी का मामला नहीं, बल्कि रिश्तों में विश्वास टूटने की कहानी भी है। जिस व्यक्ति को घर की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया, उसी पर चोरी का आरोप लगना समाज के लिए चिंता का विषय है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामले का खुलासा जरूर हुआ, लेकिन यह घटना लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी देती है।
