Ranchi News : 506 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना से नेतरहाट, देवघर, रजरप्पा और कई प्रमुख पर्यटन स्थलों को मिलेगा बेहतर कनेक्शन, स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा
Ranchi News : झारखंड सरकार ने पर्यटन और धार्मिक स्थलों को आधुनिक सड़क नेटवर्क से जोड़ने की बड़ी योजना तैयार की है। करीब 4600 करोड़ रुपये की लागत से 506 किलोमीटर लंबे दो विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा आसान और सुरक्षित होगी।
झारखंड सरकार राज्य में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों और धार्मिक केंद्रों तक बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए लगभग 4600 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस योजना के तहत लगभग 506 किलोमीटर लंबे दो बड़े कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जो राज्य के कई महत्वपूर्ण इलाकों को आपस में जोड़ेंगे।
सरकार का उद्देश्य केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान देना और राज्य की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करना भी है। बेहतर सड़क संपर्क बनने से राज्य में आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है।
कई महत्वपूर्ण मार्गों का होगा विकास
इस परियोजना के अंतर्गत राज्य के कई प्रमुख मार्गों का विस्तार और विकास किया जाएगा। इनमें सिसई-घाघरा-नेतरहाट, सिल्ली-तमाड़-खूंटी तथा भीरकीडीह-बुधाई-देवघर जैसे महत्वपूर्ण सड़क मार्ग शामिल हैं।
सरकार की योजना के अनुसार पर्यटन विभाग, नगर विकास विभाग और पथ निर्माण विभाग संयुक्त रूप से इस परियोजना पर कार्य करेंगे। विभिन्न विभागों के सहयोग से परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी की जा रही है।
खूंटी क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध पेरवा घाघ फॉल तक पहुंचने वाली सड़क के निर्माण को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा घाघरा से नेतरहाट मार्ग को भी स्वीकृति दी जा चुकी है। इससे इन क्षेत्रों में पहुंच पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगी।
होली टूरिस्ट कॉरिडोर से बाबा धाम पहुंचना होगा आसान
सरकार द्वारा प्रस्तावित होली टूरिस्ट कॉरिडोर विशेष रूप से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह कॉरिडोर रांची के ओरमांझी से शुरू होकर गोला, रजरप्पा और गिरिडीह होते हुए बाबा धाम देवघर तक जाएगा।
हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम के दर्शन के लिए देवघर पहुंचते हैं। वर्तमान समय में कई जगहों पर सड़क सुविधाएं सीमित होने के कारण यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नए कॉरिडोर के बनने से यात्रा समय में कमी आएगी और श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा अनुभव मिलेगा।
नेतरहाट और मैक्लुस्कीगंज जैसे पर्यटन स्थलों को मिलेगा फायदा
दूसरा टूरिस्ट कॉरिडोर झारखंड के प्राकृतिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ने पर केंद्रित रहेगा। इसके तहत नेतरहाट, लातेहार और मैक्लुस्कीगंज जैसे प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्रों को सड़क नेटवर्क से मजबूत रूप से जोड़ा जाएगा।
नेतरहाट को झारखंड की “क्वीन ऑफ छोटानागपुर” कहा जाता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण देशभर से पर्यटकों को आकर्षित करता है। वहीं मैक्लुस्कीगंज भी अपनी ऐतिहासिक पहचान और प्राकृतिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध है।
बेहतर सड़क सुविधाओं के बाद इन पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है, जिससे होटल, परिवहन और स्थानीय व्यवसायों को भी फायदा मिलेगा।
स्थानीय व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से केवल पर्यटन क्षेत्र ही नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत आधार मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क होने से छोटे व्यापारियों, होटल व्यवसायियों, दुकानदारों और स्थानीय सेवा प्रदाताओं को अधिक अवसर मिलेंगे।
इसके अलावा निर्माण कार्य के दौरान और उसके बाद भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
राज्य सरकार की यह पहल झारखंड के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के साथ-साथ विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
