JSSC Teacher Recruitment : झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC को प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) के 2034 रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू करने का निर्देश दिया, 156 अभ्यर्थियों की याचिका पर हुई सुनवाई
JSSC Teacher Recruitment : JSSC शिक्षक भर्ती 2026 को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने बड़ा निर्देश दिया है। 2034 TGT शिक्षक पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया फिर शुरू करने का आदेश दिया गया है, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों में उम्मीद बढ़ गई है।
झारखंड में लंबे समय से लंबित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर सुर्खियों में है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के अंतर्गत प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक यानी TGT के 2034 रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने आयोग को पूर्व आदेशों का पालन करते हुए बिना किसी देरी के भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू करने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट के इस निर्देश के बाद हजारों अभ्यर्थियों के बीच नई उम्मीद जगी है। लंबे समय से नियुक्ति प्रक्रिया के पूरे होने का इंतजार कर रहे उम्मीदवार अब इस फैसले को राहत के रूप में देख रहे हैं।
हाईकोर्ट ने आयोग को दिए स्पष्ट निर्देश
मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि पहले दिए गए आदेशों का पालन करना आवश्यक है और नियुक्ति प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जा सकता।
अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यदि आदेशों का पालन समय पर नहीं किया गया तो संबंधित पक्षों को जवाब देना पड़ सकता है। इससे साफ है कि न्यायालय इस मामले को गंभीरता से देख रहा है।
156 अभ्यर्थियों ने दायर की थी याचिका
जानकारी के अनुसार यह अवमानना याचिका मोहम्मद समेत 156 अभ्यर्थियों की ओर से दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि सितंबर 2025 में अदालत द्वारा दिए गए आदेश के बावजूद JSSC ने नियुक्ति प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया।
अभ्यर्थियों का कहना था कि आदेश जारी होने के बावजूद प्रक्रिया में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई, जिसके कारण हजारों उम्मीदवार लगातार असमंजस और प्रतीक्षा की स्थिति में हैं।
अब भी खाली पड़े हैं 2034 पद
राज्य में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों के कुल 2034 पद अभी भी रिक्त बताए जा रहे हैं। इन पदों पर नियुक्ति न होने का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित होती है। कई विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की अनुपलब्धता छात्रों की पढ़ाई पर सीधा असर डाल रही है। ऐसे में इन रिक्तियों को भरना शिक्षा व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अगली सुनवाई 3 जुलाई को
मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को निर्धारित की गई है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आयोग अदालत के निर्देशों के बाद क्या कदम उठाता है।
यदि आयोग जल्द प्रक्रिया शुरू करता है तो वर्षों से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिल सकती है। वहीं यदि प्रक्रिया में दोबारा देरी होती है तो यह मामला और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।
अभ्यर्थियों में बढ़ी उम्मीद
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अभ्यर्थियों में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। कई उम्मीदवारों का कहना है कि वे लंबे समय से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने की प्रतीक्षा कर रहे थे और अब उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही भर्ती प्रक्रिया पूरी होगी।
झारखंड में शिक्षक भर्ती का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा है और उम्मीदवारों की मांग रही है कि रिक्त पदों को जल्द भरा जाए। अब हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद की जा रही है कि लंबे समय से रुकी प्रक्रिया जल्द अपने अंतिम चरण तक पहुंच सकती है।
