Jharkhand : चतरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, जेजेएमपी का सक्रिय सदस्य रविंद्र सिंह खरवार दबोचा गया
Jharkhand : झारखंड के चतरा जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। टंडवा थाना क्षेत्र में लेवी वसूली, धमकी और आगजनी मामले में जेजेएमपी के सक्रिय सदस्य रविंद्र सिंह उर्फ रविंद्र सिंह खरवार को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर कोल कंपनियों को धमकी देने और एनसीसी कंपनी की ट्रक में आग लगाने का आरोप है।
चतरा जिले में उग्रवादी गतिविधियों और लेवी वसूली के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जेजेएमपी संगठन के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रविंद्र सिंह उर्फ रविंद्र सिंह खरवार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी टंडवा थाना क्षेत्र में कोल कंपनियों और ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों से लेवी मांगने, धमकी देने और आगजनी जैसी घटनाओं में शामिल था।
झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र में लगातार बढ़ रही उग्रवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं। इसी कड़ी में चतरा पुलिस को यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से जेजेएमपी संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था और कोल परियोजनाओं में कार्यरत कंपनियों को निशाना बना रहा था।
शुक्रवार को पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आम्रपाली परियोजना में माइनिंग और ट्रांसपोर्टिंग का कार्य कर रही एनसीसी लिमिटेड कंपनी के अधिकारियों को लगातार धमकी भरे फोन किए जा रहे थे। फोन करने वाले लोग खुद को जेजेएमपी और प्रतिबंधित टीएसपीसी संगठन का सदस्य बताते हुए कंपनी से लेवी की मांग कर रहे थे।
डीएसपी ने बताया कि 24 जनवरी 2026 की रात को एनसीसी कंपनी की कोयला ढुलाई में लगी एक वोल्वो ट्रक को पांच अपराधियों ने रास्ते में रोक लिया था। अपराधियों ने पहले ट्रक चालक और सुपरवाइजर के साथ मारपीट की और उसके बाद वाहन के अगले हिस्से में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। कंपनी के कर्मचारी और स्थानीय लोग भी इस घटना से भयभीत हो गए थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घटनास्थल पर जेजेएमपी संगठन के नाम से एक पर्चा छोड़ा गया था। पर्चे में साफ तौर पर चेतावनी दी गई थी कि अगर कंपनी द्वारा लेवी नहीं दी गई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसके अगले दिन कंपनी के अधिकारियों को फिर से फोन कर संगठन के नाम पर धमकी दी गई और पैसे की मांग की गई।
घटना के बाद चतरा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी को गुप्त सूचना मिली थी कि कांड में शामिल जेजेएमपी का सक्रिय सदस्य रविंद्र सिंह अपने घर आया हुआ है। सूचना के आधार पर एसपी के निर्देश पर टंडवा थाना प्रभारी पप्पू शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लोहरदगा जिले के जोबांग थाना क्षेत्र स्थित पहाड़ गीर गांव में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान आरोपी रविंद्र सिंह उर्फ रविंद्र सिंह खरवार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में शामिल अन्य अपराधियों की तलाश जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से उग्रवादी संगठन की गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा। साथ ही क्षेत्र में काम कर रही कोल कंपनियों और ट्रांसपोर्टिंग एजेंसियों को राहत मिलेगी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी का संबंध किन-किन उग्रवादी संगठनों से था और उसके साथ इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
चतरा और आसपास के कोयलांचल क्षेत्रों में लंबे समय से लेवी वसूली और धमकी की घटनाएं सामने आती रही हैं। उग्रवादी संगठन अक्सर कोल कंपनियों, ट्रांसपोर्टरों और ठेकेदारों को निशाना बनाते रहे हैं। ऐसे मामलों में पुलिस की यह कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
झारखंड पुलिस लगातार नक्सल और उग्रवादी संगठनों के खिलाफ अभियान चला रही है। हाल के महीनों में कई उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण भी किया है, जबकि कई को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने और विकास कार्यों को सुरक्षित माहौल देने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि उग्रवाद और लेवी की वजह से क्षेत्र में भय का माहौल बना रहता है और विकास कार्य प्रभावित होते हैं। आरोपी की गिरफ्तारी से लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।
पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही कोल परियोजनाओं और औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
