Giridih Kharif Workshop : आधुनिक कृषि तकनीकों से बढ़ेगा उत्पादन, किसानों की आय सशक्त करने पर प्रशासन का जोर
Giridih Kharif Workshop : गिरिडीह जिले के पचंबा स्थित अनुमंडलीय कृषि प्रक्षेत्र में आयोजित जिला स्तरीय खरीफ कार्यशाला में उपायुक्त रामनिवास यादव ने किसानों को आधुनिक खेती, उन्नत बीज और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की सलाह दी। कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने खरीफ फसलों, पशुपालन, मत्स्य पालन और जैविक खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
गिरिडीह, 20 मई 2026: रामनिवास यादव ने बुधवार को पचंबा स्थित अनुमंडलीय कृषि प्रक्षेत्र में आयोजित जिला स्तरीय खरीफ कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, कृषक मित्र और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और खरीफ फसलों की उन्नत खेती के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि कृषि जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की समृद्धि से ही ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास संभव है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक एवं आधुनिक खेती पद्धति अपनाने की अपील करते हुए कहा कि बदलते समय के साथ कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों का उपयोग अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक और आधुनिक सिंचाई तकनीक का इस्तेमाल कर किसान अपनी उपज और आय दोनों बढ़ा सकते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि खरीफ सीजन को देखते हुए प्रशासन किसानों तक समय पर बीज, उर्वरक और कृषि संबंधी तकनीकी जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और सभी आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है, जिनका लाभ हर किसान तक पहुंचना चाहिए।
कार्यशाला में जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, फसल विविधीकरण और जैविक खेती जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना समय की मांग है। जैविक खेती और कम लागत वाली कृषि तकनीकों से किसानों की लागत घटेगी और लाभ में वृद्धि होगी। उन्होंने किसानों को सरकारी योजनाओं और अनुदान का लाभ लेने के लिए जागरूक रहने की भी सलाह दी।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खरीफ फसलों की उन्नत खेती, कीट नियंत्रण, आधुनिक सिंचाई प्रबंधन, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि मौसम के अनुसार सही फसल चयन और वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने पर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं अनुदान संबंधी प्रावधानों की भी जानकारी साझा की गई।
इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने भी कार्यशाला में अपनी समस्याएं और सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे। प्रशासन की ओर से किसानों को आश्वासन दिया गया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाएगी और योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाएगा।
जिला स्तरीय खरीफ कार्यशाला के आयोजन से किसानों में उत्साह देखने को मिला। किसानों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से उन्हें नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी मिलती है, जिससे खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। कृषि विभाग द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई है।
