Giridih News : जमुआ के तेलमकरी आंगनबाड़ी केंद्र में सत्यापन के बदले 200 रुपये लेने का आरोप, जांच के आदेश
Giridih News : झारखंड के गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड स्थित तेलमकरी आंगनबाड़ी केंद्र में ‘मईया सम्मान योजना’ के सत्यापन के नाम पर कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। सेविका रोशन आरा पर लाभुक महिलाओं से हस्ताक्षर के बदले 200 रुपये लेने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।
झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मईया सम्मान योजना’ एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड अंतर्गत तेलमकरी आंगनबाड़ी केंद्र में योजना के सत्यापन कार्य के दौरान अवैध वसूली का गंभीर आरोप सामने आया है। आरोप है कि आंगनबाड़ी सेविका रोशन आरा लाभुक महिलाओं से सत्यापन फॉर्म पर हस्ताक्षर करने के एवज में 200-200 रुपये की मांग कर रही थीं।
इस पूरे मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर सेविका महिलाओं से पैसे लेते हुए दिखाई दे रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और ग्रामीण प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
महिलाओं ने लगाया पैसे मांगने का आरोप
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि योजना का लाभ दिलाने और सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर उनसे जबरन पैसे मांगे गए। कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि अगर पैसे नहीं दिए जाते तो उनका फॉर्म आगे नहीं बढ़ाया जाता और योजना का लाभ मिलने में बाधा उत्पन्न की जाती।
ग्रामीणों के मुताबिक गरीब और जरूरतमंद महिलाएं सरकार की योजनाओं से राहत की उम्मीद रखती हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसी योजनाओं को कमाई का जरिया बना लेते हैं। महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो वायरल होते ही मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर लोग इस घटना को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे गरीब महिलाओं के साथ अन्याय बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
वीडियो में कुछ महिलाएं पैसे देती नजर आ रही हैं जबकि कथित तौर पर सेविका उनसे बातचीत करती दिखाई दे रही हैं। हालांकि वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी प्रशासन की ओर से नहीं की गई है, लेकिन वायरल क्लिप ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) ने जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित सेविका के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच टीम जल्द ही लाभुक महिलाओं और स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ कर पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार करेगी।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
घटना के बाद तेलमकरी गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गरीबों के हित में योजनाएं चलाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ कर्मचारी योजनाओं की साख खराब कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर समय रहते ऐसे मामलों पर कार्रवाई नहीं हुई तो गरीबों का सरकारी योजनाओं से भरोसा उठ जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषी पाए जाने पर सेविका को तत्काल पद से हटाया जाए और कानूनी कार्रवाई भी की जाए।
सरकार की योजनाओं पर उठ रहे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘मईया सम्मान योजना’ महिलाओं को आर्थिक सहायता और सम्मान देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, लेकिन अगर योजना के नाम पर वसूली की शिकायतें सामने आती हैं तो यह योजना की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासन को जमीनी स्तर पर निगरानी मजबूत करनी होगी ताकि गरीब लाभुकों का शोषण न हो सके। साथ ही शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी।
फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है और प्रशासन की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। ग्रामीणों और महिलाओं को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार का एक बड़ा उदाहरण बन सकता है।
