2819 अभ्यर्थियों को देना होगा दोबारा पेपर-2, जून तक रिजल्ट जारी करने का निर्देश
झारखंड में माध्यमिक आचार्य नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद के बीच हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। 2819 अभ्यर्थियों की पुनर्परीक्षा पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कोर्ट ने 8 और 9 मई को परीक्षा कराने और जून तक परिणाम जारी करने का निर्देश दिया है।
झारखंड में माध्यमिक आचार्य नियुक्ति को लेकर जारी विवाद पर झारखंड हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने 2819 अभ्यर्थियों की पुनर्परीक्षा पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है।
मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि अभ्यर्थी चाहें तो 8 और 9 मई को होने वाली पेपर-2 की पुनर्परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
इस फैसले के बाद अब सभी 2819 उम्मीदवारों को तय तिथियों पर परीक्षा में बैठना अनिवार्य हो गया है।
क्यों हो रही है पुनर्परीक्षा?
यह पूरा मामला झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा से जुड़ा है।
सरकार और आयोग की ओर से कोर्ट को बताया गया कि परीक्षा में करीब 24 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए थे और यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) थी।
जांच के दौरान 2819 अभ्यर्थियों के आईपी एड्रेस में संदिग्ध गतिविधि और हैकिंग के संकेत पाए गए। इसी कारण आयोग ने इन अभ्यर्थियों के लिए पुनर्परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया।
इन सभी उम्मीदवारों के लिए एडमिट कार्ड भी जारी कर दिए गए हैं।
अभ्यर्थियों की आपत्ति क्या थी?
इस मामले में अर्चना कुमारी समेत अन्य अभ्यर्थियों ने कोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि—
- बिना दोषियों की पहचान किए सभी 2819 अभ्यर्थियों को पुनर्परीक्षा के लिए बाध्य करना गलत है
- यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है
- जिन अभ्यर्थियों ने कोई गलत कार्य नहीं किया, उन्हें भी दंडित किया जा रहा है
उन्होंने कोर्ट से पुनर्परीक्षा पर रोक लगाने की मांग की थी और यह भी आग्रह किया था कि आयोग पहले दोषी परीक्षा केंद्र और अभ्यर्थियों की पहचान करे।
कोर्ट ने क्यों खारिज की अंतरिम राहत?
सुनवाई के दौरान अदालत ने अभ्यर्थियों की दलीलों को सुनने के बाद भी अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।
कोर्ट का मानना है कि—
- परीक्षा प्रक्रिया को आगे बढ़ाना जरूरी है
- अभ्यर्थियों को मौका दिया जा रहा है कि वे पुनर्परीक्षा में शामिल हों
- अंतिम निर्णय बाद में भी लिया जा सकता है
इसलिए फिलहाल परीक्षा पर रोक लगाना उचित नहीं समझा गया।
8 और 9 मई को होगी परीक्षा, जून में आएगा रिजल्ट
कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि—
- पुनर्परीक्षा 8 और 9 मई 2026 को ही आयोजित की जाएगी
- परिणाम जून 2026 तक जारी कर दिए जाएं
इस फैसले से अब परीक्षा प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है और लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को जल्द परिणाम मिल सकेगा।
मामले से जुड़े मुख्य बिंदु
- 2819 अभ्यर्थियों की होगी पुनर्परीक्षा
- आईपी एड्रेस में गड़बड़ी के कारण लिया गया फैसला
- हाईकोर्ट ने पुनर्परीक्षा पर रोक से किया इनकार
- 8-9 मई को आयोजित होगी परीक्षा
- जून तक जारी होगा रिजल्ट
हालांकि कोर्ट ने फिलहाल राहत नहीं दी है, लेकिन याचिका अभी भी लंबित है। ऐसे में आने वाले समय में इस मामले में और सुनवाई हो सकती है।
फिलहाल अभ्यर्थियों के पास दो ही विकल्प हैं—
या तो पुनर्परीक्षा में शामिल हों या फिर आगे के न्यायिक फैसले का इंतजार करें।
