Jharkhand News : सेल्फी के लिए बीच पानी में उतारी जा रही लाइफ जैकेट, प्रशासन की सख्ती के बावजूद पर्यटक नियमों की कर रहे अनदेखी
Jharkhand News : जबलपुर के बरगी डैम हादसे के बाद भी झारखंड के डैमों में सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। पर्यटक बोटिंग के दौरान लाइफ जैकेट उतारकर सेल्फी ले रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
Jharkhand News : बलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक हादसे के बाद भी झारखंड के डैम और जलाशयों में लोगों की लापरवाही कम होने का नाम नहीं ले रही है। बोटिंग के दौरान जहां प्रशासन द्वारा लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य किया गया है, वहीं पर्यटक बीच पानी में पहुंचते ही सेल्फी लेने के लिए जैकेट उतार देते हैं।
यह लापरवाही केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि अपनी जान को जोखिम में डालने जैसा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पानी में किसी भी क्षण संतुलन बिगड़ सकता है और बिना लाइफ जैकेट के बचाव की संभावना बेहद कम हो जाती है।
झारखंड में इस तरह की लापरवाही पहले भी कई बार जानलेवा साबित हो चुकी है। राजधानी रांची के बाड़ा तालाब में करीब 12 वर्ष पहले नाव डूबने से दो लोगों की मौत हो गई थी। उस समय भी कई लोगों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी।
इसी तरह धुर्वा डैम में भी लोगों के डूबने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हालांकि उस घटना में जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन खतरे का संकेत साफ था।
सबसे बड़ा हादसा 17 जुलाई 2022 को पंचखेरो डैम में हुआ, जहां नाव पलटने से एक ही परिवार के 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। जांच में सामने आया कि किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी।
सिर्फ पर्यटकों की लापरवाही ही नहीं, बल्कि सिस्टम की खामियां भी इस खतरे को बढ़ा रही हैं। डैमों पर उपलब्ध लाइफ जैकेट की नियमित जांच नहीं होती। कई जगहों पर खराब और अनुपयुक्त जैकेट इस्तेमाल में लाई जा रही हैं।
- वजन के अनुसार जैकेट का चयन नहीं
- सही तरीके से पहनने की जानकारी नहीं
- रखरखाव और निरीक्षण की कमी
इन सभी कारणों से दुर्घटना के समय लाइफ जैकेट बेअसर साबित हो सकती है।
बरगी हादसे के बाद झारखंड के पलामू जिले में प्रशासन अलर्ट हो गया है।
भीम बैराज डैम, काशी सोत डैम और मुरमा मलय डैम में अब बिना लाइफ जैकेट किसी को भी बोटिंग की अनुमति नहीं दी जा रही।
बोट संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं:
- क्षमता से अधिक सवारी नहीं बैठाना
- हर यात्री को सही तरीके से जैकेट पहनाना
- सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन
कोडरमा जिले में तिलैया डैम और पंचखेरो डैम में सतर्कता बढ़ाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई कुछ और ही है।
निरीक्षण के समय नियमों का पालन होता है, लेकिन सामान्य दिनों में लापरवाही साफ नजर आती है। कई पर्यटक केवल दिखावे के लिए लाइफ जैकेट पहनते हैं या उसे ठीक से बांधते तक नहीं।
पतरातू डैम में सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। यहां स्पष्ट नियम लागू किए गए हैं कि बिना लाइफ जैकेट किसी भी पर्यटक को बोटिंग नहीं कराई जाएगी।
- नाविकों को नियमित प्रशिक्षण
- गोताखोरी और लाइफ सेविंग तकनीक की जानकारी
- हर जगह जागरूकता संदेश
यह मॉडल अन्य डैमों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
डैमों और जलाशयों में सुरक्षा के लिए नियम बनाना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है उनका पालन। जब तक पर्यटक खुद जिम्मेदारी नहीं दिखाएंगे, तब तक प्रशासन की सख्ती भी अधूरी रहेगी।
सेल्फी के चक्कर में जान जोखिम में डालना समझदारी नहीं, बल्कि एक खतरनाक प्रवृत्ति है। एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार को तबाह कर सकती है।
